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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:35 · नई दिल्ली संस्करण

खुदरा महंगाई में उछाल, अगस्त में 4.82 प्रतिशत पर पहुंची; खाद्य कीमतों का असर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
खुदरा महंगाई में उछाल, अगस्त में 4.82 प्रतिशत पर पहुंची; खाद्य कीमतों का असर

नई दिल्ली। सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) शृंखला पर आधारित भारत की खुदरा महंगाई अगस्त 2026 में बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी महीने की तुलना में मामूली बढ़ोतरी को दर्शाता है।

अगस्त के दौरान सबसे अधिक महंगाई चांदी के आभूषणों में दर्ज की गई, जिनकी कीमतों में 107.11 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं सोने के आभूषणों की कीमतों में 35.55 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।

अगस्त में कुल खाद्य महंगाई 5.95 प्रतिशत रही। इस दौरान प्याज, अदरक और लहसुन की कीमतों में क्रमशः 48.27 प्रतिशत, 73.82 प्रतिशत और 43.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

हालांकि, टमाटर की कीमतों में 31.09 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि आलू भी 13.14 प्रतिशत सस्ता हुआ।

अन्य वस्तुओं में कारों की कीमतों में भी कमी देखने को मिली और अगस्त के दौरान इनमें 6.72 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सीपीआई-आधारित महंगाई अभी भी आरबीआई के निर्धारित 2 प्रतिशत से 6 प्रतिशत के सहनशीलता दायरे के भीतर है।

इस दायरे का मध्य बिंदु 4 प्रतिशत है। आरबीआई की मौद्रिक नीति का लक्ष्य आर्थिक वृद्धि और मूल्य स्थिरता के बीच संतुलन बनाते हुए महंगाई को इसी सीमा के भीतर रखना है।

हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि मुख्य महंगाई दर लक्ष्य से ऊपर गई है, जिसका प्रमुख कारण ईंधन की ऊंची कीमतें हैं, जबकि व्यापक मूल्य दबाव अभी भी नियंत्रण में हैं।

आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया।

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए औसत महंगाई के अपने अनुमान को जून में दिए गए 5.1 प्रतिशत के अनुमान से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। वहीं खाद्य और ईंधन को छोड़कर मापी जाने वाली कोर महंगाई का अनुमान 4.7 प्रतिशत से घटाकर 4.3 प्रतिशत कर दिया गया है।

साथ ही, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि मिश्रित आर्थिक संकेतों के बावजूद केंद्रीय बैंक को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा है।

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