मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:06 · नई दिल्ली संस्करण

भारत के फिनटेक सेक्टर ने 2025 में जुटाए 2.4 बिलियन डॉलर, हासिल की दुनिया में तीसरी रैंक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भारत के फिनटेक सेक्टर ने 2025 में जुटाए 2.4 बिलियन डॉलर, हासिल की दुनिया में तीसरी रैंक

नई दिल्ली। भारत के फिनटेक सेक्टर ने 2025 में कुल 2.4 बिलियन डॉलर की राशि जुटाई है, जो कि 2024 में जुटाई गए 2.3 बिलियन डॉलर से करीब 2 प्रतिशत अधिक है। यह यूएस और यूके के बाद दुनिया में तीसरे स्थान पर रहा है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रारंभिक चरण की फंडिंग में भारी उछाल आया है और यह 2025 में बढ़कर 1.2 अरब डॉलर हो गई है, जो 2024 में 667 मिलियन डॉलर से 78 प्रतिशत और 2023 में 762 मिलियन डॉलर से 56 प्रतिशत अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार, फंडिंग के रुझान विभिन्न चरणों में भिन्न-भिन्न रहे।

2025 में सीड-स्टेज फंडिंग 177 मिलियन डॉलर रही, जो 2024 में 295 मिलियन डॉलर से 40 प्रतिशत और 2023 में 253 मिलियन डॉलर से 30 प्रतिशत कम है।

रिपोर्ट में बताया गया कि लेट-स्टेज फंडिंग 2025 में घटकर एक बिलियन डॉलर रह गई, जो 2024 और 2023 दोनों में 1.4 बिलियन डॉलर से 26 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में फिनटेक क्षेत्र में चार ऐसे निवेश दौर हुए जिनमें 100 मिलियन डॉलर से अधिक का लेन-देन हुआ। 2025 में, भारत के फिनटेक क्षेत्र में 22 अधिग्रहण दर्ज किए गए, जो 2024 के 28 अधिग्रहणों की तुलना में 21 प्रतिशत की गिरावट और 2023 के 32 अधिग्रहणों की तुलना में 31 प्रतिशत कम है।

एग्जिट के मामले में, इस क्षेत्र में 2025 में चार आईपीओ दर्ज किए गए, जो 2024 के आठ आईपीओ की तुलना में 50 प्रतिशत की गिरावट दर्शाते हैं।

ट्रैक्सन की सह-संस्थापक नेहा सिंह ने कहा,“फंडिंग में मंदी के दौर में भी भारत का फिनटेक इकोसिस्टम मजबूती से अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। हालांकि कुल निवेश में गिरावट आई है, लेकिन शुरुआती चरण में निरंतर सक्रियता और नए यूनिकॉर्न का उदय इस क्षेत्र की दीर्घकालिक क्षमता में निवेशकों के अटूट विश्वास को दर्शाता है।”

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में तीन यूनिकॉर्न बने, जो 2024 के दो यूनिकॉर्न की तुलना में 50 प्रतिशत और 2023 के एक यूनिकॉर्न की तुलना में 200 प्रतिशत की वृद्धि है।

बेंगलुरु ने भारत में फिनटेक फर्मों को मिलने वाले कुल फंडिंग का 42 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त करके प्रमुख केंद्र के रूप में अपना दबदबा बनाए रखा, जबकि मुंबई 29 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें