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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:43 · नई दिल्ली संस्करण

भारत का ईएसडीएम मार्केट 2030 तक दोगुना होकर 7-8 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान : रिपोर्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई दिल्ली। भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) इंडस्ट्री का आकार 2030 तक दोगुना होकर 7-8 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।

केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स की मजबूत मांग के कारण अगले पांच वर्षों में उद्योग 20-25 प्रतिशत की तेज चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ सकता है।

स्मार्टफोन सेगमेंट भारत के ईएसडीएम उद्योग की रीढ़ बनकर उभरा है, जिसने वित्त वर्ष 25 में कुल बाजार में 62 प्रतिशत का योगदान दिया।

वित्त वर्ष 20 और वित्त वर्ष 25 के बीच, इस सेगमेंट में 28 प्रतिशत की मजबूत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से वृद्धि हुई, जिसे बढ़ती आय, स्मार्टफोन की बढ़ती लोकप्रियता और शहरों व छोटे कस्बों में स्मार्ट उपकरणों की व्यापक पहुंच का समर्थन प्राप्त हुआ।

रिपोर्ट में कहा गया, "इस सेगमेंट के वित्त वर्ष 2025-30 के दौरान 23-25 ​​प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ने का अनुमान है, जो उद्योग में वॉल्यूम वृद्धि और तकनीकी प्रगति, दोनों के प्राथमिक इंजन के रूप में इसकी भूमिका को और पुख्ता करता है।

बीते एक दशक में भारत के स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव आया है। पहले देश में बिकने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन आयातित होते थे। वहीं, अब भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध 99 प्रतिशत स्मार्टफोन घरेलू स्तर पर बनाए जाते हैं।

देश में मैन्युफैक्चर किए जाने वाले स्मार्टफोन की वैल्यू वित्त वर्ष 24 में बढ़कर 4.22 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 14 में 18,900 करोड़ रुपए थी।

वार्षिक शिपमेंट लगातार 15 करोड़ यूनिट को पार कर गया है, और वित्त वर्ष 2025 तक भारत में सालाना 325-330 मिलियन से अधिक स्मार्टफोन का उत्पादन हुआ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्यात में भी तेजी से वृद्धि हुई है, जो उत्पादन का 36 प्रतिशत से अधिक है, जबकि 2015 में यह केवल 8 प्रतिशत था।

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