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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:39 · नई दिल्ली संस्करण

मध्य पूर्व संकट के कारण अप्रैल में भारत के हवाई यातायात में आई गिरावट, घटी यात्रियों की संख्या

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मध्य पूर्व संकट के कारण अप्रैल में भारत के हवाई यातायात में आई गिरावट, घटी यात्रियों की संख्या

नई दिल्ली । नागर विमानन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च की तुलना में अप्रैल में भारत के हवाई यातायात (एयर ट्रैफिक) में गिरावट दर्ज की गई है।

यह गिरावट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह के यात्रियों में देखने को मिली है।

यह गिरावट मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट में जारी संघर्षों के कारण आई है, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या में तेज कमी देखने को मिली।

घरेलू हवाई यातायात में यात्रियों की संख्या अप्रैल में 140.8 लाख रही, जो साल-दर-साल और महीने-दर-महीने करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात में और ज्यादा गिरावट देखी गई, जहां अप्रैल में यात्रियों की संख्या घटकर 28.3 लाख रह गई, जो मार्च के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत कम है।

इस बीच, यूएई के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शनिवार को घोषणा की कि यूएई के एयरस्पेस में सामान्य उड़ान संचालन पूरी तरह बहाल कर दिया गया है और अस्थायी एहतियाती प्रतिबंध हटा दिए गए हैं।

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इसके परिणामस्वरूप, भारतीय और यूएई की एयरलाइंस ने भारत के विभिन्न शहरों के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी है।

पश्चिम एशिया में कुल मिलाकर उड़ानों की स्थिति अब धीरे-धीरे सुधर रही है और इस क्षेत्र से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए अतिरिक्त उड़ानें संचालित की जा रही हैं।

सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न एयरपोर्ट्स से भारत के लिए उड़ानें जारी हैं।

कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला हुआ है और वहां से एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और कतर एयरवेज भारत के लिए उड़ानें संचालित कर रही हैं।

कुवैत का एयरस्पेस पूरी तरह खुला है और जजीरा एयरवेज तथा कुवैत एयरवेज भारत के लिए उड़ानें चला रही हैं।

इसी तरह बहरीन का एयरस्पेस भी खुला है, जहां से एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और गल्फ एयर भारत के लिए उड़ानें संचालित कर रही हैं।

इराक का एयरस्पेस सीमित उड़ानों के लिए खुला है, जिनका उपयोग क्षेत्रीय गंतव्यों तक जाने और वहां से आगे भारत पहुंचने के लिए किया जा सकता है।

ईरान का एयरस्पेस भी आंशिक रूप से खुला है, जहां फिलहाल कार्गो और चार्टर्ड उड़ानों की अनुमति है।

मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है और वहां मौजूद लोगों से अपील की है कि वे दूतावास की मदद से जमीनी सीमा मार्गों के जरिए देश छोड़ दें। अब तक तेहरान स्थित भारतीय दूतावास 2,504 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद कर चुका है।

बयान में कहा गया है कि इजरायल का एयरस्पेस भी खुला है और सीमित उड़ान सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं, जिनका उपयोग क्षेत्रीय गंतव्यों के जरिए भारत लौटने के लिए किया जा सकता है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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