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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:16 · नई दिल्ली संस्करण

भारतीय रेलवे का 'सुपरफास्ट' कारनामा, रातों-रात बदला मंज़र, जानें पूरी बात

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भारतीय रेलवे का 'सुपरफास्ट' कारनामा, रातों-रात बदला मंज़र, जानें पूरी बात

जब लोग सुबह-सुबह वहाँ पहुँचे, तो वे सबवे देखकर हैरान रह गए, क्योंकि पिछली रात वहाँ कुछ भी नहीं था। असल में, भारतीय रेलवे ने अहमदाबाद के वस्त्रपुर इलाके में रातों-रात सबवे बनाकर कुछ ही घंटों में एक कमाल कर दिखाया। 25 और 26 अगस्त की आधी रात को चलाए गए एक खास ऑपरेशन के दौरान, रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने न सिर्फ़ पैदल चलने वालों के लिए एक मुश्किल सबवे का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया, बल्कि तय समय से काफी पहले इसे पूरा करके एक नया बेंचमार्क भी स्थापित किया।

वेस्टर्न रेलवे ने इस सबवे को बनाने के लिए 8 घंटे के ट्रैफिक ब्लॉक को मंज़ूरी दी थी। खुदाई से लेकर पहले से तैयार स्ट्रक्चर को लगाने तक का सारा काम इतने कम समय में पूरा करना एक बहुत बड़ी चुनौती थी। हालाँकि, रेलवे इंजीनियरों और कर्मचारियों के बीच बेहतरीन प्लानिंग और तालमेल की वजह से, यह पूरा काम सिर्फ़ 7 घंटे 15 मिनट में ही पूरा हो गया। कीमती समय बचाते हुए, टीम ने तय समय से 45 मिनट पहले ही सबवे को जनता के लिए खोल दिया—जो रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।

इस प्रोजेक्ट में हाई-टेक टेक्नोलॉजी और फ़ैक्टरी में बने कंक्रीट स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया गया। निर्माण का काम बहुत व्यवस्थित तरीके से किया गया: जैसे ही ब्लॉक का काम शुरू हुआ, तय जगह की तेज़ी से खुदाई के लिए भारी मशीनरी लगाई गई। सबवे के ढांचे को सहारा देने के लिए, ज़मीन को तुरंत समतल करके एक मज़बूत नींव बनाई गई। फ़ैक्टरी में बने बड़े-बड़े प्रीकास्ट कंक्रीट ब्लॉक को क्रेन की मदद से एक-एक करके सही जगह पर रखा गया। सबवे का ढांचा लगने के बाद, मिट्टी भरकर उसे भरा गया और सुरक्षा के तय नियमों के अनुसार रेलवे ट्रैक को सावधानी से फिर से बिछाया गया। यह ऐतिहासिक काम अहमदाबाद डिविज़नल रेलवे मैनेजर (DRM) वेद प्रकाश और चीफ़ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफ़िसर प्रदीप गुप्ता की सीधी देखरेख और मार्गदर्शन में पूरा किया गया।

सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी और लगातार निगरानी से टीम का हौसला बढ़ा, जिससे वे बिना किसी सुरक्षा चूक के इतने बड़े ऑपरेशन को समय से पहले पूरा कर पाए। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के लिए 8 घंटे का समय तय किया गया था, लेकिन इसे सिर्फ़ 7 घंटे 15 मिनट में ही पूरा कर लिया गया। सुबह होने तक ऊपर रेलवे ट्रैक और नीचे सबवे पूरी तरह तैयार हो गए थे। सुबह जब वस्त्रापुर इलाके के स्थानीय लोग वहां पहुंचे तो वे हैरान रह गए और इस कामयाबी के लिए रेलवे की दिल से तारीफ़ कर रहे हैं।

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