बांग्लादेश प्रदर्शन : भारतीय नागरिकाें की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करा रहा उच्चायोग
नई
दिल्ली, । ढाका में भारतीय उच्चायोग और चटगांव, राजशाही,
सिलहट और खुलना में सहायक उच्चायोग बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रम के बाद
भारतीय नागरिकों की घर वापसी में सहायता कर रहे हैं। अब तक 778 भारतीय
छात्र विभिन्न बंदरगाहों के माध्यम से भारत लौट आए हैं। इसके अलावा लगभग
200 छात्र ढाका और चटगांव हवाई अड्डों के माध्यम से नियमित उड़ान सेवाओं
द्वारा घर लौट आए हैं।
उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में स्वतंत्रता
सेनानियों के परिजनों को 30 प्रतिशत आरक्षण को बहाल करने के हाई कोर्ट के
फैसले के बाद प्रदर्शनों की शुरुआत हुई थी। आरक्षण को 2018 में शेख हसीना
सरकार ने समाप्त कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक
लगा दी और मुख्य न्यायाधीश ने आश्वासन दिया। इसके बाद भी प्रदर्शन जारी
हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कल बताया था कि
पड़ोसी देश में साढ़े आठ हजार विद्यार्थियों सहित 15 हजार भारतीय नागरिक
हैं। ये लोग भारत के राजनयिक मिशनों के संपर्क में हैं।
विदेश
मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारतीय नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा
सुनिश्चित करने के लिए उच्चायोग और सहायक उच्चायोग बांग्लादेश के
अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में हैं। चयनित बंदरगाहों के माध्यम से
स्वदेश वापसी के दौरान सड़क मार्ग से उनकी यात्रा के लिए, जहां आवश्यक हो,
सुरक्षा एस्कॉर्ट की भी व्यवस्था की गई है।
ढाका में उच्चायोग ढाका
और चटगांव से भारत के लिए निर्बाध उड़ान सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए
बांग्लादेश के नागरिक उड्डयन अधिकारियों और वाणिज्यिक एयरलाइनों के साथ भी
समन्वय कर रहा है, जिसका उपयोग हमारे नागरिक घर लौटने के लिए कर सकते हैं।
विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करने के लिए
नागरिक उड्डयन, आव्रजन, भूमि बंदरगाहों और बीएसएफ अधिकारियों के साथ भी
समन्वय कर रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि ढाका में भारतीय उच्चायोग और
बांग्लादेश में भारत के सहायक उच्चायोग आपातकालीन संपर्क नंबरों के माध्यम
से भारतीय नागरिकों द्वारा आवश्यक किसी भी सहायता के लिए उपलब्ध हैं।





