इंडिया स्टोन मार्ट महाकुम्भ: 2 हजार 981 करोड़ रुपये के व्यापारिक प्रस्ताव पर लगी मुहर
जयपुर,
4 फरवरी । उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़
ने रविवार को 1 से 4 फरवरी तक चले चार दिवसीय इंडिया स्टोन मार्ट महाकुम्भ
के समापन समारोह में पत्थरों की उपयोगिता दर्शाते हुए कहा कि हम रहें या न
रहें लेकिन पत्थर हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरा से निकलने
वाले पत्थर अद्वितीय हैं और विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं।
उन्होंने राज्य में निवेश एवं व्यापार को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की तरफ
से सभी संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
राठौड़ ने बताया
कि इंडिया स्टोन मार्ट-2024 के 12वें संस्करण में कुल 948 व्यापारिक बैठकें
हुई जिसमें 2 हजार 981 करोड़ रुपये के व्यापारिक प्रस्ताव पर चर्चा हुई और
मुहर लगी जिसमें 150 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों एवं 189 मशीनरी एवं टूल्स
एग्जीबिटर्स ने भी भाग लिया।
मंत्री राठौड़ ने इस दौरान
आयोजन के समापन समारोह में सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी दिए।
उन्होंने पत्थर उद्योगों के प्रति राजस्थान सरकार के प्रयासों की चर्चा
करते हुए सभी व्यापारियों एवं निवेशकों का राजस्थान की धरती पर स्वागत
किया। उन्होंने राजस्थान की खूबियों के हिसाब से व्यापार सुलभ करवाने की
बात कही और साथ ही सभी संबंधित बाधाओं को दूर करके एकल विंडो क्लियरनेंस की
व्यवस्था की प्रतिबद्धता दोहराई।
उद्योग एवं वाणिज्य
मंत्री ने राजस्थान के खनिज पत्थर तथा इससे संबंधित उद्योगों को वैश्विक
स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सभी प्रतिभागियों से बहुस्तरीय स्तर पर कार्य
करने का आग्रह किया जिससे सरकार अपनी पहुंच बढ़ा सके एवं निवेश और व्यापार
में समुचित मदद कर सके।
इस दौरान कर्नल राठौड़ ने व्यापार,
व्यवहार और विस्तार की परिकल्पना को साकार करते हुए भारत को 2029 तक तीसरी
सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में पत्थर उद्योग के योगदान को सहायक बताया
साथ ही इस क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ाने के लिए लोगों को प्रेरित किया और
कहा कि राज्य के योगदान को विकसित भारत संकल्प में सिद्धरत करें।
प्रमुख
शासन सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य अजीताभ शर्मा ने इस आयोजन को पत्थर उद्योग
से सबंधित सबसे बड़े आयोजनो में से एक बताया और इनकी महत्ता एवं उपयोगिता पर
भी प्रकाश डाला। उन्होंने व्यापार में ईज आफ डूइंग को बढ़़ावा देने के लिए
सुगम और सुलभ वातावरण उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।




