कोरोना के टीकाकरण में भारत नंबर वन, अब तक 56 लाख से ज्यादा लोगों को लगाई गई कोविड वैक्सीन
नई दिल्ली: कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान में अब तक 56 लाख से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। अभी तक गंभीर या अत्यधिक गंभीर प्रतिकूल प्रभाव का कोई मामला सामने नहीं आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने बताया कि 56,36,868 लाभार्थियों को अब तक टीका लगाया जा चुका है। इनमें से 52,66,175 स्वास्थ्यकर्मी और 3,70,693 फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल हैं।
तेज टीकाकरण में भारत नंबर वन
इसके साथ ही भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जहां महज 21 दिन में 50 लाख से ज्यादा लोगों को कोविड-19 वैक्सीन लगाई गई है। 50 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने में अमेरिका में 24, ब्रिटेन में 43 और इजरायल में 45 दिन लगे थे। इस तरह से भारत में सबसे तेज गति से 50 लाख लोगों का टीकाकरण किया गया है।
54.7 फीसद स्वास्थ्यकर्मियों लगाई गई वैक्सीन
अगनानी ने कहा कि को-विन एप पर पंजीकृत 54.7 फीसद स्वास्थ्यकर्मियों को अब तक वैक्सीन लगाई जा चुकी है। शनिवार को 2.20 लाख लाभार्थियों को टीका लगाया गया। अभी तक गंभीर प्रतिकूल प्रभाव का कोई मामला नहीं सामने आया है। पिछले 24 घंटे के दौरान टीका लगाने के बाद न तो किसी को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है और न ही किसी की मौत ही हुई है।
13 राज्यों में ही 60 फीसद टीकाकरण
अगनानी ने बताया कि अब तक जितने स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया है, उनमें 60 फीसद बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के हैं। दिल्ली, पंजाब, असम समेत 12 राज्यों में 40 फीसद से कम टीकाकरण हुआ है।
टीकाकरण में तेजी लाने के निर्देश
अगनानी ने बताया कि शनिवार को स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने टीकाकरण अभियान की समीक्षा की। भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से टीकाकरण में तेजी लाने को कहा है। इसके लिए राज्यों से टीका केंद्रों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 फरवरी तक सभी स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने का काम पूरा कर लेने को भी कहा गया है। राजेश भूषण ने यह भी कहा कि ऑनलाइन प्लेटफार्म को-विन का दूसरा संस्करण जल्द ही जारी किया जाएगा।
मार्च से 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को लगेगी वैक्सीन
देश में टीकाकरण के अब तक कुल 1,06,303 सत्र आयोजित हो चुके हैं। बीते 24 घंटे में जिन्हें टीका लगाया गया है उनमें 3,01,537 स्वास्थ्यकर्मी जबकि अग्रिम मोर्चे पर काम करनेवाले 1,55,867 कर्मचारी शामिल हैं। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने लोकसभा में बताया था कि मार्च के दूसरे या तीसरे हफ्ते से 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सात वैक्सीन पर चल रहा काम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि मौजूदा वक्त में सात कोविड वैक्सीन पर काम चल रहा है। इनमें से तीन टीके क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में हैं जबकि दो पहले और दूसरे चरण में हैं। कोरोना के खिलाफ दो टीके अग्रिम प्री-क्लिनिकल चरण में हैं।
480 करोड़ रुपए होंगे खर्च
सरकार ने पहले चरण में एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है। फ्रंटलाइन वर्करों के टीकाकरण का काम बीते दो फरवरी से शुरू हो गया है। सरकार की मानें तो अग्रिम मोर्चे काम करने वाले दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है। बीते दो फरवरी के बाद से 3,70,693 फ्रंटलाइन वर्करों को कोविड वैक्सीन लगाई जा चुकी है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया है कि कुल तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर के टीकाकरण पर लगभग 480 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।





