कोरोना के खिलाफ जंग में भारत को बड़ी कामयाबी, नए स्ट्रेन को सफलतापूर्वक किया आइसोलेट
नए स्ट्रेन को आइसोलेट करने वाला भारत बना पहला देश
॰वैक्सीन पर न्यू स्ट्रेन के प्रभाव की जांच में मदद मिलेगी न्यू स्ट्रेन पर वैक्सीन का असर का पता चलेगा: आईसीएमआार
नई दिल्ली : दुनिया के कई अन्य देशों की तरह भारत में भी कोरोना महामारी के नए स्ट्रेन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन इस बीच एक अच्छी खबर आई है कि भारत में यहां ब्रिटेन से आए वायरस के नए स्ट्रेन की सफलतापूर्वक पहचान कर ली गई है. ऐसा करने वाला भारत दुनिया का पहला देश भी बन गया है.
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआार) ने शनिवार को ट्वीट कर बताया कि भारत ने तेजी से वायरल हो रहे न्यू स्ट्रेन के वायरल तनाव (sars-cov-2 के यूके-वैरिएंट) की सफलतापूर्वक पहचान कर ली है. भारत ने यूके म्यूटेंट स्ट्रेन को आइसोलेट कर लिया है.
आईसीएमआर ने बताया कि इस आइसोलेशन के जरिए बनाए गए कोरोना वायरस वैक्सीन पर न्यू म्यूटेंट स्ट्रेन के प्रभाव की जांच करने में मदद मिलेगी. साथ ही यह भी चेक किया जा सकेगा कि इस स्ट्रेन पर कोरोना वैक्सीन का असर होगा या नहीं.
भारत में महामारी के शुरुआती दिनों से ही कउटफ के प्रयोगशालाओं के देशव्यापी नेटवर्क के माध्यम से sars-cov-2 वायरस कोविड-19 को ट्रैक किया जा रहा था.
यूनाइटेड किंगडम, साउथ अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के बाद भारत में भी कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन तेजी से फैलता दिख रहा है. इस बीच नए स्ट्रेन से देश में 9 और लोग संक्रमित मिले हैं. भारत में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 29 तक पहुंच गया है. यूके से लौटे 29 यात्रियों में अब तक कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पाया गया है.
यूके से भारत लौटे नए स्ट्रेन से संक्रमित लोगों में से एनसीडीसी (दिल्ली) में 8, एनआईवी (पुणे) में 5, एनआईएमएचएएनएस (बेंगलुरु) में 10, आईजीआईबी (दिल्ली) में 2, एनआईबीएमजी कल्याणी में 1 और सीसीएमबी (हैदराबाद) 3 संक्रमित मिले हैं. फिलहाल इन सभी मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया है.





