घरेलू शेयर बाजार की कामयाबी, भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार बना
नई
दिल्ली,। भारत एक बार फिर मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले
में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है। भारत ने हांगकांग को
पछाड़ कर इस स्थान पर पहुंचने में सफलता हासिल की है। बॉम्बे स्टॉक
एक्सचेंज (बीएसई) में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू 5.18
ट्रिलियन डॉलर हो गई है, जबकि हांगकांग के स्टॉक मार्केट का कैपिटलाइजेशन
5.17 ट्रिलियन डॉलर है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक
इसके पहले इसी साल 23 जनवरी को बीएसई ने मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में
हांगकांग को पीछे छोड़ दिया था। उसके बाद बाजार में आई गिरावट की वजह से
बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन हांगकांग की तुलना में कम हो गया था, जिसके
कारण कुछ ही दिनों में हांगकांग ने भारत को पीछे धकेल कर वापस चौथा स्थान
हासिल कर लिया था। इस महीने एक दिन की बड़ी गिरावट के अलावा घरेलू शेयर
बाजार में आमतौर पर तेजी का माहौल बना रहा है, जिसकी वजह से बीएसई में
लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन एक बार फिर हांगकांग के स्टॉक
एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन से अधिक हो गया है।
मार्केट
कैपिटलाइजेशन के मामले में इस समय अमेरिकी शेयर बाजार 56.49 ट्रिलियन डॉलर
के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा शेयर बाजार है।
अमेरिका के बाद 8.84 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ चीन ने
दूसरे सबसे बड़े शेयर बाजार होने का तमगा हासिल कर रखा है। चीन के बाद
जापान 6.30 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ तीसरे स्थान पर
बना हुआ है।
जहां तक भारतीय बाजार की बात है, तो पिछले
हफ्ते चुनाव के नतीजे आने के बाद बाजार में काफी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी
थी। चुनाव परिणाम वाले दिन बीजेपी की सीटों में आई गिरावट के कारण शेयर
बाजार 5.70 प्रतिशत से भी ज्यादा टूट गया था। उसके बाद केंद्र में एनडीए
सरकार की वापसी तय हो जाने के कारण शेयर बाजार ने दोबारा जोरदार छलांग लगाई
और फिलहाल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच कर कारोबार कर रहा है।
बाजार में
आई तेजी के कारण बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन
पिछले करीब एक हफ्ते के दौरान 32 लाख करोड़ रुपये की उछाल के साथ अभी तक के
सर्वोच्च स्तर 434.86 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 5.18 ट्रिलियन डॉलर के
स्तर पर पहुंच गया है। जानकारों का मानना है कि अगर कोई बड़ा उलट फेर नहीं
हुआ तो नई सरकार के बजट पेश करने के पहले तक घरेलू शेयर बाजार में लगातार
तेजी जारी रह सकती है।




