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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

जंतर-मंतर पर छात्रों की पिटाई का मामला, सलूजा ने की जांच की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जंतर-मंतर पर छात्रों की पिटाई का मामला, सलूजा ने की जांच की मांग

भुवनेश्वर। ओडिशा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों और जेन-जी के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मांग का खुला समर्थन किया है।

संतोष सिंह सलूजा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा और जेन-जी वर्ग के लोग पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन कर रहे थे। उनकी मांगें पूरी तरह से जायज थीं, जिसे सरकार को मानना भी पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तक लेना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान जिस तरह से युवा वर्ग और जेन-जी को लाठियों से पीटा गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और यहां तक कि बिहार में युवाओं के ऊपर हथियार के इस्तेमाल जैसी बातें सामने आईं, वह बेहद शर्मनाक है। भारत एक लोकतांत्रिक और स्वतंत्र देश है, जहां संविधान के तहत हर नागरिक को शांतिपूर्ण आंदोलन करने का अधिकार है।

प्रदर्शनकारियों की बेरहमी से पिटाई और उन्हें गंभीर रूप से घायल किए जाने की घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है।

राहुल गांधी द्वारा इस घटना की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में जांच कराने की मांग का समर्थन करते हुए, उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक इसके पक्ष में है।

इस घटना को लगभग 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि जब देश की सीमाओं पर सेना द्वारा कोई कार्रवाई होती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसका श्रेय लेने आगे आते हैं, लेकिन इस घटना पर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं? अमित शाह को संसद में आकर इसका उत्तर देना चाहिए। अगर वे उत्तर नहीं देते हैं, तो देश समझ रहा है कि ये सब जानबूझकर किया गया है।

सलूजा ने आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से संसद में स्थगन प्रस्ताव और विभिन्न मंचों पर इस पर चर्चा की मांग की जा रही है, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा स्पीकर को भी नियंत्रित किया जा रहा है, जो एक लोकतांत्रिक देश के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के भविष्य और बच्चों को न्याय दिलाने के साथ-साथ इस घटना की निष्पक्ष सच्चाई सामने लाने के लिए राहुल गांधी ने जो सुप्रीम कोर्ट के तत्वाधान में जांच की मांग उठाई है, वह पूरी तरह जायज है और वे इसका पुरजोर समर्थन करते हैं।

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