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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:34 · नई दिल्ली संस्करण

बांदा में मासूमों से जबरन काम, रेत ढुलाई का वीडियो वायरल होने पर बवाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बांदा में मासूमों से जबरन काम, रेत ढुलाई का वीडियो वायरल होने पर बवाल

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक जूनियर हाई स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को मजदूरी करने के लिए मजबूर किया गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें स्कूल यूनिफॉर्म पहने छात्र रेत ढोते हुए नजर आ रहे हैं।

इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह घटना बांदा जिले की अछरौंद ग्राम पंचायत की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में कई बच्चे फावड़े और बर्तनों की मदद से रेत भरते नजर आ रहे हैं। यह काम बच्चों के लिए न तो उचित है और न ही कानून के अनुसार सही माना जाता है। आरोप है कि यह काम उनसे स्कूल प्रशासन की ओर से कराया गया, जिसमें कुछ शिक्षकों की भूमिका भी बताई जा रही है।

यह वीडियो महेंद्र नाम के व्यक्ति ने बनाया है। उसका कहना है कि उसके बच्चे रियांश और रियांशी उसी जूनियर हाई स्कूल में पढ़ते हैं। उसने आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों से जबरन काम कराया जाता है और उनके साथ भेदभाव भी किया जाता है।

महेंद्र ने कहा, “मेरे बच्चे स्कूल पढ़ने जाते हैं, लेकिन वहां उनसे काम कराया जा रहा है। मैं सरकार और प्रशासन से निवेदन करता हूं कि इस मामले की जांच की जाए और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।”

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है।

कई लोग इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्कूल के अंदर या बाहर बच्चों से जबरन काम कराना न केवल गलत है, बल्कि कानून के अनुसार यह एक अपराध भी है।

इन आरोपों पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी ने कहा कि शुक्रवार को सभी स्कूल बंद थे।

उन्होंने यह भी कहा कि वायरल वीडियो अभी तक उनके ध्यान में नहीं आया है। अगर ऐसा कोई वीडियो सामने आता है तो मामले की जांच कराई जाएगी और आगे कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि 6 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों से काम करवाना कानून के अनुसार एक अपराध है। फिर भी आरोप है कि कुछ स्कूलों में शिक्षकों द्वारा ही बच्चों से काम कराया जा रहा है।

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