मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:44 · नई दिल्ली संस्करण

तेजस्वी यादव यदि शेर के बेटा हैं, तो सुप्रीम कोर्ट में माफी क्यों मांग ली: सुशील मोदी

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यदि तेजस्वी प्रसाद यादव अपने को शेर का बेटा बताते हैं, तो गुजरातियों को ठग बताने वाली अमर्यादित टिप्पणी के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर माफी क्यों मांग ली?

सुशील मोदी ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा की सदस्यता समाप्त होने के डर से तेजस्वी यादव ने भी राहुल गांधी की तरह लिखित क्षमा याचना कर अपनी गर्दन बचा ली। यदि वे लालू प्रसाद के पुत्र होने का दंभ भरते हैं और बड़बोले बयान देते हैं, तो झुकने की बजाय अपनी बात पर अड़े रहते और कोर्ट के फैसले का सामना करते।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री को "चौकीदार चोर है" कहा था और उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगनी पड़ी थी।तेजस्वी यादव के उपमुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी 5, देश रत्न मार्ग वाला सरकारी बंगला खाली न करने पर उन्हें सुप्रीम कोर्ट की फटकार सुननी पड़ी थी और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी भरना पड़ा था।

उन्होंने कहा कि गैरजिम्मेदाराना बयान देने और फिर कोर्ट में माफी मांग कर सजा से बच निकलने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश कैसे लगे, इस पर देश की शीर्ष न्यायपालिका को गंभीरता से विचार करना चाहिए । जो लोग लोकतंत्र बचाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, वे ही अपने अमर्यादित और द्वेषपूर्ण बयानों से लोकतंत्र को बार-बार कलंकित कर रहे हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें