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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:37 · नई दिल्ली संस्करण

सरकार ने रोकी आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया, शेयरों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सरकार ने रोकी आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया, शेयरों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट

मुंबई। सरकार द्वारा आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री (डिसइन्वेस्टमेंट) प्रक्रिया रोकने के फैसले के बाद हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बैंक के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।

सोमवार के कारोबारी सत्र में खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 1.52 बजे) आईडीबीआई बैंक के शेयर एनएसई पर 15.17 प्रतिशत गिरकर 78.20 रुपए पर पहुंच गए। वहीं शुरुआती कारोबार में बैंक स्टॉक 77.56 रुपए पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद भाव 92.18 रुपए के मुकाबले लगभग 15.86 प्रतिशत कम था। कारोबार के दौरान शेयर 77 रुपए के इंट्राडे लो तक गिर गया।

सरकार ने आईडीबीआई बैंक के डिसइन्वेस्टमेंट की प्रक्रिया इसलिए रद्द कर दी क्योंकि प्राप्त हुई बोलियां सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी द्वारा दी गई दोनों बोलियां रिजर्व प्राइस से कम थीं।

सरकार ने पहले आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने के लिए वित्तीय बोलियां आमंत्रित की थीं और उम्मीद थी कि मार्च के अंत तक विजेता बोलीदाता की घोषणा कर दी जाएगी।

हालांकि, यह भी माना जा रहा था कि डील पूरी होने की प्रक्रिया चालू वित्त वर्ष के बाद तक जा सकती है।

प्रस्तावित योजना के तहत सरकार बैंक में अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही थी, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत के आधार पर करीब 36,000 करोड़ रुपए आंकी गई थी।

इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) भी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना में था, जिससे कुल मिलाकर 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के लिए पेश की जानी थी। इस हिस्सेदारी की कुल संभावित कीमत करीब 72,000 करोड़ रुपए बताई गई थी।

इससे पहले एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण व्यापक डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया पर असर पड़ा है, जिससे इस हिस्सेदारी बिक्री में देरी हो रही थी। हालांकि इस मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकार भविष्य में सावधानी के साथ फिर से हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

आईडीबीआई बैंक के डिसइन्वेस्टमेंट की प्रक्रिया 7 जनवरी 2023 को शुरू हुई थी, जब डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (डीआईपीएएम) को संभावित निवेशकों से कई एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) प्राप्त हुए थे।

16 मार्च तक आईडीबीआई बैंक में सरकार और एलआईसी की कुल हिस्सेदारी 94.71 प्रतिशत है, जिसमें सरकार के पास 45.48 प्रतिशत और एलआईसी के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूद है।

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