मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:35 · नई दिल्ली संस्करण

इतिहास हमारी विरासत, लेकिन भविष्य पर भी रहेगा फोकस : रेवंत रेड्डी

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
इतिहास हमारी विरासत, लेकिन भविष्य पर भी रहेगा फोकस : रेवंत रेड्डी

हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि राज्य न तो इतिहास को भूलेगा और न ही सिर्फ इतिहास तक सीमित रहेगा। उन्होंने पुराने संघर्षों की भावना के साथ एक आधुनिक तेलंगाना बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने 'प्रजा पालना दिनोत्सवम' (जन-शासन दिवस) के मौके पर अपने भाषण में कहा, "हम इतिहास को नहीं भूलेंगे। हम सिर्फ इतिहास तक सीमित नहीं रहेंगे। आइए, पुराने संघर्षों की भावना के साथ एक आधुनिक तेलंगाना का निर्माण करें।"

मुख्यमंत्री ने यहां पब्लिक गार्डन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तेलंगाना के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

17 सितंबर का दिन हैदराबाद रियासत के भारतीय संघ में विलय का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना वह धरती है जिसने पीढ़ियों से चले आ रहे दमन, शोषण, सामंतवाद और वर्चस्ववादी शासन के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि यह उन योद्धाओं की जन्मभूमि है जिन्होंने निरंकुश शासकों के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान कुर्बान कर दी।

उन्होंने कहा कि संघर्ष के उस लंबे इतिहास में 17 सितंबर का विशेष महत्व है। भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी।

हालांकि, तत्कालीन हैदराबाद राज्य निजाम के शासन के अधीन ही रहा। हैदराबाद राज्य में तेलंगाना के साथ-साथ मौजूदा महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों के कुछ क्षेत्र भी शामिल थे।

सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा, "निजाम के शासनकाल में हैदराबाद ने उद्योग, कृषि, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की और वैश्विक पहचान भी हासिल की। ​​

साथ ही, ग्रामीण तेलंगाना भीषण सामंती शोषण, बंधुआ मजदूरी और दमन से जूझ रहा था। अंतिम चरण में रजाकारों द्वारा किए गए अत्याचारों ने लोगों को उथल-पुथल और गहरे संघर्ष में धकेल दिया था।"

उन्होंने बताया कि हैदराबाद के लोगों की आकांक्षाओं को समझते हुए और उनके आंदोलनों का सम्मान करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने 'ऑपरेशन पोलो' नामक सैन्य कार्रवाई की।

ऑपरेशन पोलो के बाद सातवें निजाम ने भारत सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

उन्होंने कहा, “17 सितंबर 1948 को हैदराबाद राज्य आधिकारिक तौर पर भारत का अभिन्न अंग बन गया।

यह एक महत्वपूर्ण दिन है जिसने न केवल निजाम के शासन के अंत को चिह्नित किया बल्कि एक ऐतिहासिक क्षण भी था जिसने राजशाही शासन से लोकतांत्रिक शासन की ओर बदलाव का मार्ग प्रशस्त किया। यही मुख्य कारण है कि हम 17 सितंबर को 'प्रजा पालना दिनोत्सवम' (जन-शासन दिवस) के रूप में मना रहे हैं।

जन-शासन का अर्थ है लोगों की आवाज को महत्व देना, उनकी समस्याओं का समाधान करना, अधिकारों की रक्षा करना, यह सुनिश्चित करना कि सरकारी संसाधन सभी तक पहुंचें, और ऐसा माहौल बनाना जहां हर व्यक्ति आत्म-सम्मान के साथ जी सके।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद राज्य के भारत में विलय तक की यात्रा कई आंदोलनों और बलिदानों से भरी रही।

तेलंगाना का इतिहास एक स्पष्ट संदेश देता है कि शासन लोगों के दरवाजे तक पहुंचना चाहिए। लोगों की उम्मीदें और आकांक्षाएं सभी सरकारी फैसलों का आधार होनी चाहिए। हम तेलंगाना की भावना को बनाए रखते हुए और लोगों के आत्म-सम्मान को प्राथमिकता देते हुए जन-केंद्रित प्रशासन चला रहे हैं।

आज, तेलंगाना न केवल पड़ोसी राज्यों के साथ बल्कि पूरी दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है।

उन्होंने बताया कि तेलंगाना राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 4,18,931 रुपये की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 91 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों के वास्तविक जीवन में दिखाई दे।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लोगों के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।

उन्‍होंने कहा, “हमारा लक्ष्य न केवल आज की जरूरतों को पूरा करना है, बल्कि कल का तेलंगाना बनाना भी है। जन-सरकार ने 'तेलंगाना राइजिंग विजन 2047' के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए योजनाएं बनाई हैं। हमने 2047 तक तेलंगाना को तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने का संकल्प लिया है।

राष्ट्रीय जीडीपी में तेलंगाना की हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत तक बढ़ाने के उपाय किए गए हैं। हम लगभग 30,000 एकड़ में फैले देश के पहले नेट-जीरो स्मार्ट शहर-'भारत फ्यूचर सिटी' का विकास कर रहे हैं।”

उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार दिसंबर में होने वाले 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट-2026' के दौरान 'फ्यूचर सिटी' का मास्टर प्लान पेश करेगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें