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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:37 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली की फैक्ट्री लाइसेंस प्रक्रिया में ऐतिहासिक सुधार: अब नहीं लेनी होगी MCD से अलग से अनुमति

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
दिल्ली की फैक्ट्री लाइसेंस प्रक्रिया में ऐतिहासिक सुधार: अब नहीं लेनी होगी MCD से अलग से अनुमति

दिल्ली की फैक्ट्री लाइसेंस प्रक्रिया में ऐतिहासिक सुधार: अब नहीं लेनी होगी MCD से अलग से अनुमति Historic Reform in Delhi’s Factory Licensing Process: No Separate Approval Needed from MCD Anymore

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2025 — दिल्ली सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में "Ease of Doing Business" और "Ease of Living" को सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (GNCTD) अथवा दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC) द्वारा मान्यता प्राप्त औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित फैक्ट्रियों को MCD (नगर निगम) से अलग से फैक्ट्री लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। यह नई व्यवस्था आज से प्रभाव में आ गई है।

दिल्ली सरकार के इस निर्णय के अनुसार, यदि किसी फैक्ट्री के पास MSME उद्यम पंजीकरण, अथवा GNCTD/DSIIDC द्वारा जारी अलॉटमेंट लेटर या लीज डीड है, तो वही दस्तावेज अब धारा 416/417, दिल्ली नगर निगम अधिनियम (DMC Act) के तहत MCD लाइसेंस के रूप में मान्य होगा। इससे दिल्ली के हजारों उद्यमियों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अनावश्यक कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी।

इस सुधार से प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित होगा। यह निर्णय न केवल उद्यमियों को राहत देगा, बल्कि दिल्ली के औद्योगिक ढांचे को और अधिक आत्मनिर्भर, व्यवस्थित और नवाचार आधारित बनाएगा। साथ ही, यह उन योजनाओं के अनुरूप है, जिनका उद्देश्य दिल्ली को एक स्मार्ट, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल राजधानी बनाना है।

दिल्ली सरकार का यह कदम छोटे, मंझोले और बड़े उद्योगों के लिए समान रूप से राहत देने वाला है, जो दिल्ली को देश के औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में अग्रसर है।

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