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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:34 · नई दिल्ली संस्करण

नौसेना की ताकत में ऐतिहासिक इजाफा: ‘महेंद्रगिरी’ युद्धपोत शामिल, ब्रह्मोस से बढ़ेगी समुद्री मारक क्षमता

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नौसेना की ताकत में ऐतिहासिक इजाफा: ‘महेंद्रगिरी’ युद्धपोत शामिल, ब्रह्मोस से बढ़ेगी समुद्री मारक क्षमता

नई दिल्ली: भारतीय नौसेना को प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट्स का आखिरी स्टेल्थ फ्रिगेट 'महेंद्रगिरी' गुरुवार को मिल गया। मुंबई में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) ने आज देश में ही बना चौथा जहाज नौसेना को सौंपा, जिससे भारत की समुद्री ताकत काफी बढ़ गई है। जहाज का नाम ओडिशा स्थित पूर्वी घाट की एक पर्वत शिखर के नाम पर रखा गया है, जिस पर ब्रह्मोस मिसाइल की भी तैनाती हो सकती है।

प्रोजेक्ट 17ए कार्यक्रम के तहत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) को चार और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) को तीन जहाजों का निर्माण सौंपा गया था। इस परियोजना के पहले छह जहाज तारागिरी, उदयगिरि, दूनागिरी, नीलगिरि, हिमगिरी और विंध्यगिरी 2019-2023 के बीच लॉन्च किए जा चुके हैं। भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 17 अगस्त को विंध्यगिरी को कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) में लॉन्च किया था। भारत में पर्वत शृंखलाओं के नाम पर इन सभी जहाजों के नाम रखे गए हैं।

भारतीय नौसेना के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट्स का आखिरी और सातवां युद्धपोत 'महेंद्रगिरी' 01 सितम्बर 2023 को तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ ने रिमोट से बटन दबाकर अरब सागर में उतारा था। इस प्रोजेक्ट के जहाजों को भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने इन-हाउस डिजाइन किया है। शिवालिक क्लास के बाद इन युद्धपोतों में बेहतर स्टेल्थ फीचर्स, उन्नत हथियार और सेंसर तथा प्लेटफ़ॉर्म प्रबंधन सिस्टम हैं। महेंद्रगिरी तकनीकी रूप से उन्नत जंगी जहाज है और इसके निर्माण में 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किए गया है।

नौसेना के मुताबिक पी17ए जहाज बनाने में एमडीएल ने नई चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए अपनी अवसंरचना और कौशल को विकसित किया है। यह जहाज पहला गैस टर्बाइन की संचालन शक्ति पर आधारित है और इस पर बहुत बड़ा युद्ध प्लेटफॉर्म है। प्रोजेक्ट 17ए के जहाजों में इस्तेमाल सामग्री और उपकरण स्वदेशी वेंडरों से लिए गए हैं और 2000 से अधिक भारतीय प्रतिष्ठानों तथा एमएसएमई में रोजगार सृजन हुआ है। अगस्त 2023 में जहाज की डिलीवरी के लिए एमडीएल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए आउटसोर्सिंग से एकीकृत निर्माण पद्धति का उपयोग किया गया है।

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