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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:14 · नई दिल्ली संस्करण

बरेली में तीन करोड़ की हेरोइन-स्मैक के साथ पिता और दो बेटे गिरफ्तार, दिल्ली तक फैला था नेटवर्क

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बरेली में तीन करोड़ की हेरोइन-स्मैक के साथ पिता और दो बेटे गिरफ्तार, दिल्ली तक फैला था नेटवर्क

बरेली । उत्तर प्रदेश के बरेली में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) यूनिट ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले पिता और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.750 किलोग्राम हेरोइन, 950 ग्राम स्मैक बनाने में प्रयुक्त होने वाला रंग, तीन मोबाइल फोन और 87,520 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 3.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी परमानंद उर्फ पप्पू, उसके बेटे यशवीर और रविंद्र के रूप में हुई है। तीनों को 30 मार्च की रात थाना भमोरा क्षेत्र में देवचरा-दातागंज रोड पर तख्तपुर जाने वाले मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया।एएनटीएफ के मुताबिक पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था और अपर पुलिस महानिदेशक अपराध के निर्देश पर पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ लखनऊ के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। बरेली यूनिट को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर बड़ी मात्रा में स्मैक और हेरोइन की सप्लाई करने जा रहे हैं। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।पूछताछ में मुख्य आरोपी परमानंद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता के नाम पर पहले अफीम की खेती का लाइसेंस था। इसी दौरान उसने अफीम से क्रूड और क्रूड से स्मैक बनाने का तरीका सीख लिया। उसने बताया कि वह वर्ष 2012 से स्मैक बनाकर बेच रहा है और दिल्ली समेत आसपास के जिलों में इसकी सप्लाई करता था।पुलिस के अनुसार परमानंद पहले भी दिल्ली से दो बार और बरेली से एक बार स्मैक की तस्करी के आरोप में जेल जा चुका है। इस अवैध कारोबार में उसके दोनों बेटे यशवीर और रविंद्र भी उसका सहयोग करते थे। तीनों आरोपी इस बार भी हेरोइन और स्मैक की सप्लाई करने जा रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।इस मामले में थाना भमोरा में मुकदमा संख्या 169/2026 के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क और उनसे जुड़े अन्य तस्करों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।एएनटीएफ बरेली के प्रभारी उपनिरीक्षक विकास यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा।

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