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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:29 · नई दिल्ली संस्करण

अलीगढ़ व फतेहपुर सीकरी लोस क्षेत्र की चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग उपलब्ध कराने की मांग दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई

दिल्ली,। दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और

फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र में हुई चुनाव प्रक्रिया की वीडियो

रिकार्डिंग उपलब्ध कराने की मांग खारिज कर दी है। जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव

की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि महज इस आधार पर दिल्ली हाई कोर्ट इस

याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकता है कि निर्वाचन आयोग का मुख्यालय दिल्ली में

है।

हाई कोर्ट ने कहा कि अलीगढ़ और फतेहपुर सीकरी

लोकसभा चुनाव क्षेत्र इस हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार से बाहर हैं और इस

याचिका से संबंधित सभी महत्वपूर्ण तथ्य दिल्ली हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार

में नहीं आते हैं।

दरअसल, हाई कोर्ट उन दो याचिकाकर्ताओं की याचिका

पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें से एक अलीगढ़ से और दूसरे फतेहपुर सीकरी से

चुनाव लड़ चुके थे। अलीगढ़ से बिजेंद्र सिंह और फतेहपुर सीकरी से रामनाथ

सिंह ने चुनाव लड़ा था। सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वकील

सिद्धांत कुमार ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि चुनाव उत्तर प्रदेश

में हुए, वीडियो रिकार्डिंग उत्तर प्रदेश में की गई और निर्वाची पदाधिकारी

उत्तर प्रदेश के हैं। ऐसे में दिल्ली हाई कोर्ट को इस याचिका पर सुनवाई

करने का क्षेत्राधिकार नहीं है।

दोनों याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका

में कहा था कि मतगणना के दौरान गड़बड़ी की गई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से

पेश वकील महमूद प्राचा ने कहा कि निर्वाचन आयोग का मुख्यालय दिल्ली में है

और इस आधार पर दिल्ली हाई कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है। इस पर हाई

कोर्ट ने कहा कि नि:संदेह निर्वाचन आयोग का मुख्यालय दिल्ली में है लेकिन

दोनों निर्वाचन क्षेत्र और सभी महत्वपूर्ण तथ्य इस हाई कोर्ट से बाहर हैं,

ऐसे में धारा 226 के तहत रिट याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती है। हाई

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को इस बात की छूट दी कि वे लोकसभा क्षेत्र के

संबंधित हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं।

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