हाई कोर्ट ने बुनियादी सुविधाओं पर डीयू से रिपोर्ट तलब की, अगली सुनवाई 4 जुलाई को
नई
दिल्ली, । दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लॉ
फैकल्टी में पीने के पानी, वाई-फाई, एसी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की कमी
की शिकायत पर दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। जस्टिस
अमित शर्मा की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को करने का आदेश दिया।
हाई
कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी और दिल्ली यूनिवर्सिटी के
स्टूडेंट्स वेलफेयर के डीन को भी नोटिस जारी किया है। हाई कोर्ट ने कहा कि
इस मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया और स्टूडेंट्स वेलफेयर के डीन जरूरी
पक्षकार हैं, इसलिए उन्हें भी पक्षकार बनाया जाए। सुनवाई के दौरान दिल्ली
यूनिवर्सिटी ने हाई कोर्ट को आश्वस्त किया कि वो वाटर कूलर, पीने के पानी
और दूसरी जरूरी सुविधाएं लॉ फैकल्टी कैंपस में उपलब्ध कराएंगे। हाई कोर्ट
ने इस मामले में कोर्ट की मदद करने के लिए वकील राजेश मिश्रा को एमिकस
क्यूरी नियुक्ति किया।
हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर गौर करने के
लिए सभी संबंधित पक्षों की बैठक बुलाई जाए। हाई कोर्ट ने इसके लिए एमिकस
क्यूरी समेत सभी पक्षों को एक हफ्ते के अंदर बैठक करने का निर्देश दिया।
हाई कोर्ट ने बैठक की रिपोर्ट सुनवाई की अगली तिथि के पहले कोर्ट में दाखिल
करने का निर्देश दिया।
यह याचिका दिल्ली यूनिवर्सिटी के तीन लॉ
छात्रों ने रौनक खत्री, अंकुर सिंह मावी और उमेश कुमार ने दाखिल की है।
याचिका में कहा गया है कि गर्मी का तापमान 48 डिग्री तक पहुंच रहा है और
क्लास रूम में एसी और दूसरी सुविधाएं नहीं होने से स्थिति असहनीय हो गई है।
याचिका में कहा गया है कि फैकल्टी के प्रशासनिक हिस्से में एसी है लेकिन
क्लासरुम में नहीं। यहां तक कि तीसरी बिल्डिंग में अस्थायी छतों और टीन और
एस्बेस्टस के शेड वाले क्लासरूम में गर्मी असहनीय हो जाती है, जिससे छात्र
कई बार बेहोश हो जा रहे हैं।





