गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी को मिला योगी सरकार से 10 करोड़ का बजट

कानपुर,10
फरवरी। गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी एक
महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसके साथ संस्थान ने चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा
और अनुसंधान के अभिसरण में क्रांतिकारी बदलाव लाने की कल्पना की है। यह
बात शनिवार को आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. एस. गणेश ने कहा।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने हाल ही में घोषित अपने राज्य बजट 2024-25
में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) के मेडिकल स्कूल
के लिए 10 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है। आईआईटी कानपुर ने गंगवाल
स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी और यदुपति सिंघानिया सुपर
स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्थापना की है। जिसमें पहले स्तर पर पोस्ट ग्रेजुएट
शैक्षणिक डिग्री और बायोमेडिकल अनुसंधान को पूरा किया जायेगा, तदुपरांत
दूसरे स्तर में 500 बेड वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का संचालन होगा जो
चिकित्सा घटकों और उच्च-स्तरीय देखभाल को पूरा करेगा। आईआईटी कानपुर के
मेडिकल स्कूल के लिए राज्य का बजटीय आवंटन एक महत्वपूर्ण योगदान है, जो
बुनियादी ढांचे और संबंधित सेवाओं को मजबूत करने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास एक मजबूत स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी
तंत्र का निर्माण करना है जो न केवल मेडटेक में राज्य के अनुसंधान को
बढ़ावा देता है, बल्कि इसकी चिकित्सा सुविधाओं को भी समृद्ध करता है। इसलिए
राज्य का बजटीय आवंटन हमारे लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है जो की
प्रधानमंत्री के विकसित भारत के दृष्टिकोण और राज्य के लिए बेहतर
स्वास्थ्य देखभाल के लिए मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है। हम पर
विश्वास दिखाने और सरकार के साथ अधिक प्रभावशाली सहयोग को प्रोत्साहित करने
के लिए हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आभारी हैं।
गंगवाल
स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के प्रभारी प्रोफेसर प्रोफेसर
संदीप वर्मा ने कहा कि आईआईटी कानपुर मेडिकल स्कूल के लिए उत्तर प्रदेश
सरकार से आवंटन प्राप्त करने के लिए हम बहुत आभारी हैं। हम बुनियादी ढांचा
परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार से प्रतिबद्ध फंडिंग का सर्वोत्तम उपयोग
सुनिश्चित करेंगे। यह उदार निधि, मेडिकल स्कूल के लिए नियोजित विविध विकास
गतिविधियों को बढ़ावा देगी, जिससे की इस साझा मिशन की कामयाबी सुनिश्चित हो
सके।
यह विकास राज्य स्तर पर अनुदान, वित्त पोषण आदि की
गुंजाइश खोलता है। यह अनुमान है कि गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड
टेक्नोलॉजी जुलाई 2026 तक विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करेगा। स्कूल
पहले से ही प्रमुख हृदययंत्र- समकालीन जैव चिकित्सा अनुसंधान समस्याओं पर
आधारित कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के बीच एक किफायती और उन्नत कृत्रिम
हृदय का विकास करने की परियोजना को क्रियान्वित कर रहा है।
500
बेड वाला यदुपति सिंघानिया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पूरा होने पर राज्य और
अन्य जगहों के मरीजों को किफायती इलाज की पेशकश करेगा। साथ ही, मरीज
केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत और अन्य
स्वास्थ्य कल्याण योजनाओं के तहत भी लाभ उठा सकेंगे।
मेडिकल
स्कूल में अत्याधुनिक चिकित्सा और अनुसंधान सुविधाएं होने से राज्य को
नॉलेज हब में बदलने की उम्मीद है, साथ ही जीवनयापन में आसानी भी सुनिश्चित
होगी। वैश्विक आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्रों के दान और कॉर्पोरेट अनुदान
के साथ, स्कूल संस्थान द्वारा एक मील का पत्थर परियोजना के रूप में सामने आ
रहा है।





