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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:33 · नई दिल्ली संस्करण

ग्रेटर नोएडा: जिला न्यायालय में अधिवक्ता से मारपीट के विरोध में वकीलों का हंगामा, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ग्रेटर नोएडा: जिला न्यायालय में अधिवक्ता से मारपीट के विरोध में वकीलों का हंगामा, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर सोमवार को वकीलों में भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर में एकत्रित हो गए और पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि वकीलों ने न्यायालय परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों का घेराव कर दिया और उन्हें परिसर से बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाराज अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों को न्यायालय परिसर के अंदर प्रवेश करने से भी रोक दिया। इस पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों को न्यायालय परिसर से बाहर जाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद से ही वकीलों में गहरा रोष है।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथी के साथ अभद्रता और मारपीट की, जिसके विरोध में बार के सभी सदस्य एकजुट होकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

वकीलों का कहना है कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मामले में प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित कर दिया है।

हालांकि, वकीलों का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

घटना के विरोध में सूरजपुर जिला न्यायालय के सभी वकील हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के कारण न्यायालय में कई मामलों की सुनवाई प्रभावित होने की संभावना है।

अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। इस पूरे मामले को लेकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनके साथी अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट का पूरे बार ने कड़ा विरोध किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बार एसोसिएशन न्यायालय परिसर में किसी भी तरह के उपद्रव या हंगामे का समर्थन नहीं करता।

मनोज भाटी ने बताया कि मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू हो चुकी है और यदि कहीं हंगामा हो रहा है तो वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए कोर्ट के माध्यम से ही इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और विधिक तरीके से न्याय की मांग की जाएगी।

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