मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:33 · नई दिल्ली संस्करण

यूपी में गन्ना किसानों की फसल का होगा जीपीएस सर्वे, सीएम योगी के निर्देश पर तैयारी शुरू

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
यूपी में गन्ना किसानों की फसल का होगा जीपीएस सर्वे, सीएम योगी के निर्देश पर तैयारी शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी की गई है। इसके तहत गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग गन्ने की फसल का जीपीएस सर्वेक्षण कराएगा। यह जीपीएस सर्वेक्षण 1 मई से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलेगा। इसकी सूचना 3 दिन पहले सभी रजिस्टर्ड गन्ना किसानों को मोबाइल एसएमएस के जरिए दी जाएगी।

गन्ना सर्वेक्षण टीम में एक राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक और एक चीनी मिल कर्मचारी शामिल होंगे। इनको सर्वेक्षण से पहले प्रशिक्षित भी किया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान किसान की मौजूदगी जरूरी होगी। टीम किसान के खेत पर पहुंचकर जीपीएस के जरिए उत्पादन का डाटा सीधे विभाग के सर्वर पर फीड करेगी। वहीं सर्वेक्षण के बाद खेत का क्षेत्रफल, गन्ने की किस्म समेत अन्य जानकारी भी किसानों को एसएमएस के जरिए दी जाएगी।

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग आयुक्त वीना कुमारी मीना ने बताया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी कर दी गई है।

सर्वेक्षण कार्य 1 मई से प्रारंभ कर 30 जून तक पूरा किया जाएगा।

साथ ही, उन्होंने बताया कि किसी भी गन्ना कृषक के सर्वेक्षित भूमि का सत्यापन राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट यूपी भूलेख से किया जा सकता है। चीनी मिलें गन्ना सर्वेक्षण के अंतिम आंकड़े सीधे विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन पोर्ट करेंगी और अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करेंगी।

विभाग के मुताबिक, गन्ना सर्वेक्षण के दौरान नए सदस्यों (किसान) का पंजीकरण भी किया जाएगा। 30 सितंबर 2026 तक पंजीकृत कृषकों को ही गन्ना आपूर्ति का लाभ मिलेगा।

उपज बढ़ोत्तरी के लिए गन्ना सर्वेक्षण से लेकर 30 सितंबर 2026 तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए अनुसूचित जाति व जनजाति के कृषकों, लघु कृषकों और अन्य कृषकों से क्रमशः 10, 100 एवं 200 रुपए प्रति कृषक शुल्क जमा कराया जाएगा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें