जी-20 सम्मेलन में बोले पीएम मोदी- कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 38 मिलियन टन प्रति वर्ष तक कम किया
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को 15वें जी-20 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमारी प्रतिबद्धता बनी हुई है। भारत कार्बन का कम से कम उपयोग और पर्यावरण संरक्षण पर पूरा जोर दे रहा है जो कि पेरिस समझौते के लक्ष्यों को सिर्फ पूरा ही नहीं कर रहा बल्कि उससे आगे बढ़कर काम कर रहा है। हमने एलईडी लाइट को लोकप्रिय बनाया। इससे कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 38 मिलियन टन प्रति वर्ष तक कम किया गया है। पीएम ने उज्ज्वला योजना के बारे में बताते हुए कहा कि हमने योजना के माध्यम से 8 करोड़ से अधिक घरों को धुआं मुक्त रसोई प्रदान की है। पीएम मोदी ने कहा कि हम अरबों डॉलर जुटाने, हजारों हितधारकों को प्रशिक्षित करने और अक्षय ऊर्जा में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने की योजना बना रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में बेहद मददगार साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम 2022 से पहले 175 गीगाबाइट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे। अब हमने 2030 तक इसे बढ़ाकर 450 गीगाबाइट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस दौर में जलवायु परिवर्तन पर भी विश्व को ध्यान केंद्रित करना चाहिए। पाीएम ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से अलग-अलग होकर नहीं बल्कि एकीकृत, व्यापक और समग्र तरीके से मुकाबला किया जाना चाहिए। पीएम ने कहा कि हमारा लक्ष्य साल 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर भूमि को फिर से खेती के लिए उपयुक्त बनाने की है। हम एक चक्रीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन सबसे तेजी से बढ़ते अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक है।





