मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:24 · नई दिल्ली संस्करण

उप्र में सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने पर योगी सरकार देगी छूट

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन

लखनऊ। योगी सरकार ने हाल ही में यूपी सेमीकंडक्टर नीति 2024 को मंजूरी देकर उत्तर प्रदेश को उद्योग प्रदेश बनाने की अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। इस नीति को लागू कर मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग की रीढ़ कहे जाने वाले सेमीकंडक्टर्स के बड़े पैमाने पर निर्माण की राह काफी आसान कर दी है।प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस नीति के तहत यूपी में सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने के इच्छुक निवेशकों को कैपिटल सब्सिडी के साथ ही इंटरेस्ट सब्सिडी, लैंड सब्सिडी, स्टांप फीस और रजिस्ट्रेशन फीस के साथ ही इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में भी भारी राहत दी गई है। यही नहीं, योगी सरकार यहां सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने वाली कंपनियों को कौशल और प्रशिक्षण के लिए भी सहायता देगी, जबकि अनुसंधान एवं विकास केंद्र के साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्टता केंद्र) स्थापित करने पर भी उन्हें राहत प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि माना जा रहा है कि यूपी की सेमीकंडक्टर नीति भारत को दुनिया की तीसरी आर्थिक ताकत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।प्रति इकाई अधिकतम 7 करोड़ रुपये तक मिलेगी इंटरेस्ट सब्सिडीउत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया की आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के तहत जारी सेमीकंडक्टर नीति प्रदेश और देश को इस इंडस्ट्री में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसमें निवेशकों को कई तरह से वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। नीति में इसका पूरा उल्लेख किया गया है, जिसके अनुसार कैपिटल सब्सिडी के तहत भारत सरकार द्वारा अनुमोदित सब्सिडी का 50 प्रतिशत प्रदान किया जाएगा। वहीं इंट्रेस्ट सब्सिडी के रूप में अनुसूचित बैंकों व वितीय संस्थानों से प्राप्त ऋण पर 200 करोड़ रुपये तक के निवेश वाली इकाइयों को 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष (ब्याज की दर पर), प्रति इकाई प्रति वर्ष अधिकतम एक करोड़ रुपये तक प्रतिपूर्ति 7 वर्षों तक की जाएगी। प्रति इकाई अधिकतम 7 करोड़ रुपये तक की ही इंटरेस्ट सब्सिडी प्राप्त हो सकेगी। इसके साथ ही, भूमि की दर में भी छूट प्रदान की जाएगी। राज्य अभिकरणों से भूमि क्रय करने पर प्रथम 200 एकड़ भूमि के लिए प्रचलित सेक्टर दरों पर 75 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, जबकि इकाई अथवा सहायक इकाइयों के लिए भूमि के अतिरिक्त क्रय पर 30 प्रतिशत सब्सिडी की अनुमति होगी। इसके साथ ही स्टाम्प शुल्क और निबन्धन शुल्क के अंतर्गत भूमि की खरीद पट्टे पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।10 वर्ष तक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी होगी माफ10 वर्ष की अवधि के लिए इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी पर 100 प्रतिशत छूट प्राप्त होगी। राज्य में स्थापित फैब इकाइयों को दोहरा पॉवर ग्रिड नेटवर्क प्रदान किया जाएगा। एक ग्रिड (दोनों में से कम) की लागत की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएगी, जबकि दूसरे ग्रिड की लागत निवेशक द्वारा वहन की जाएगी। इसके अतिरिक्त परियोजना के परिचालनरत होने की तिथि से 25 वर्ष की अवधि के लिए विद्युत की अंतःराज्यीय खरीद पर व्हीलिंग शुल्क व ट्रॉसमिशन शुल्क पर 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।कौशल और प्रशिक्षण के लिए भी मिलेगी सहायताचिप डिजाइन और विनिर्माण क्षेत्र में सेमीकण्डक्टर उद्योग के सहयोग के लिए एक कुशल जनशक्ति पूल तैयार करने हेतु राज्य सरकार शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग के साथ सहयोग आमंत्रित करेगी। सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में सेमीकण्डक्टर कौशल और प्रतिभा विकास गतिविधियों की वृद्धि के लिए प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। इसके तहत, फैकल्टी प्रशिक्षण, तकनीकी कार्यशालाओं, जागरुकता कार्यक्रमों एवं विशेषज्ञ व्याख्यानों के लिए 5 वर्षों के लिए प्रतिवर्ष 60 लाख रुपये तक, कुल 3 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं बीटेक और एमटेक स्नातकों के लिए मुख्यमंत्री इन्टर्नशिप योजना के अन्तर्गत 5 वर्षों तक प्रति वर्ष 500 छात्रों तक प्रति छात्र 20,000 रुपए की इन्टर्नशिप सहायता भी प्रदान की जाएगी। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की स्थापना में विश्व स्तरीय प्रतिभा को प्रवृत करने के लिए, ऐसी प्रतिभाओं के पारिश्रमिक की प्रतिपूर्ति हेतु वन टाइम सपोर्ट के रूप में 12 माह तक की अवधि में अधिकतम एक करोड़ रुपये प्रति इकाई की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।आरएंडडी सेंटर पर मिलेगी 10 करोड़ तक की सब्सिडीअनुसंधान एवं विकास केंद्र की स्थापना पर लागत के 25 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएगी, जोकि अधिकतम 10 करोड़ रुपये की सीमा तक कुछ महत्वपूर्ण प्रतिबंधों के अधीन होगी। इसका लाभ इन इकाइयों को मिलेगा, जिन्होंने अनुसंधान एवं विकास केंद्र में न्यूनतम 20 करोड़ रुपये का पात्र पूंजी निवेश किया हो।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें