सरकार ने लिया एक और दिन का वक्त, किसान आंदोलन पर ठोस प्रस्ताव के साथ अब 30 दिसंबर को वार्ता
किसान आंदोलन का 33वां दिन
दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आंदोलन का आज 33वां दिन है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी किसानों का हौंसला नहीं डिगा है। कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के दौरान थाली बजाने वाले किसानों का कहना है कि हम अपना आंदोलन तब तक नहीं खत्म करेंगे जब तक तीनों कानूनों को निरस्त नहीं किया जाता और एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं दी जाती।
ये कानून किसानों को आजादी देने वाले हैं, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने किसानों के साथ होने वाली वार्ता के लिए कहा, हम आशावान हैं कि कल की बैठक में सफलता मिलेगी और हम एक समाधान तक पहुंच सकेंगे। अगर वो किसान के चश्मे से देखेंगे तो सफल परिणाम आएगा लेकिन राजनीतिक चश्मे से सफलता शायद न मिल सके। ये कानून किसान को आजादी देने वाले हैं।
बुराड़ी में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने निरंकारी समागम मैदान का नाम बदलकर किसानपुरा रख दिया है। यहां प्रदर्शन कर रहे एक किसान का कहना है कि हम 33 दिन से यहां प्रदर्शन कर रहे हैं, यह हमारे गांव की तरह हो गया है इसलिए हमने इसका नाम किसानपुरा रख दिया।





