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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:27 · नई दिल्ली संस्करण

कर्नाटक में क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने के लिए बजट में 15,000 करोड़ रुपये आवंटित करे सरकार: आर अशोक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कर्नाटक में क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने के लिए बजट में 15,000 करोड़ रुपये आवंटित करे सरकार: आर अशोक

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से आगामी राज्य बजट में कम से कम 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करने की मांग की है। यह राशि प्रो. गोविंदा राव समिति की सिफारिशों को लागू कर राज्य में क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने के लिए आवंटित की जानी चाहिए।

शनिवार को जारी बयान में अशोक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य में सबसे लंबे समय तक सत्ता में रही है और सिद्धरामैया ने सर्वाधिक बजट पेश किए हैं।

ऐसे में राज्य में मौजूद क्षेत्रीय असंतुलन के लिए वे सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि इस “लापरवाही” को सुधारने के लिए बजट में पर्याप्त और अलग से धनराशि निर्धारित की जानी चाहिए।

अशोक ने चेतावनी दी कि सरकार अन्य विभागों या संस्थानों को दी गई राशि को जोड़कर उसे क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने के नाम पर प्रस्तुत न करे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कल्याण कर्नाटक क्षेत्रीय विकास बोर्ड तथा अन्य विकास बोर्डों या निगमों को दी गई नियमित राशि को इस मद में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए अलग और विशेष आवंटन होना जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रो. डी.एम. नंजुंडप्पा समिति द्वारा चिन्हित पिछड़े तालुकों का अनुपात दो दशकों में कम होने के बजाय 65 प्रतिशत से बढ़कर 72.8 प्रतिशत हो गया है, जो चिंताजनक है। अशोक ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पिछड़े क्षेत्रों के नाम पर “घड़ियाली आंसू” बहाना बंद करना चाहिए। अब सत्ता उनके हाथ में है, इसलिए उन्हें रिकॉर्ड बजट आवंटन कर उदाहरण पेश करना चाहिए।

अशोक ने कहा कि राज्य सरकार भले ही कर्नाटक को बड़े राज्यों में नेट स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (एनएसडीपी) के मामले में दूसरे स्थान पर होने का दावा करे, लेकिन उसे क्षेत्रीय असंतुलन के मूल कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए।

प्रो. गोविंदा राव समिति की 11 सिफारिशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्होंने ‘रीजनल डिस्पैरिटी रिड्रेसल मॉनिटरिंग यूनिट’ की स्थापना का सुझाव दिया, जो धन के आवंटन, उपयोग और प्रगति की निगरानी करे। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं और योजनाओं के लिए समय-सीमा तय की जानी चाहिए और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

अशोक ने यह भी कहा कि विशेष निधि के दुरुपयोग या दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान बजट में शामिल किया जाए।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लोगों में कल्याण कर्नाटक क्षेत्रीय विकास बोर्ड की कार्यप्रणाली में बदलाव की मांग बढ़ रही है। परियोजनाएं निर्वाचित प्रतिनिधियों की पसंद के बजाय विशेषज्ञों की सलाह और वास्तविक जरूरतों के आधार पर तैयार की जानी चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि गोविंदा राव समिति की एक प्रमुख सिफारिश के अनुसार, नियमित बजट आवंटन के अतिरिक्त विशेष राशि प्रदान की जानी चाहिए और धन का वितरण पिछड़ेपन के आधार पर सख्ती से किया जाना चाहिए।

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