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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:05 · नई दिल्ली संस्करण

एससी, एसटी के छात्र-छात्राओं के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध: सीएम सम्राट चौधरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
एससी, एसटी के छात्र-छात्राओं के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध: सीएम सम्राट चौधरी

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को दावा करते हुए कहा कि एससी, एसटी के छात्र-छात्राओं के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान बिरसा मुंडा को याद कर अनुसूचित जनजाति समाज के छात्र-छात्राओं को मुख्य धारा में लाने के लिए काम कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर भी इसके लिए काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार में एकलव्य स्कूलों की स्थापना की गई है, जिसमें बिहार बोर्ड के साथ सीबीएसई बोर्ड के सिलेबस की पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे अनुसूचित जनजाति समाज के बच्चे आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री बुधवार को जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के अंतर्गत 'बिरसा लिब्स इन न्यू भारत' थीम के तहत प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति के लाभुकों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले बिहार का हरित आवरण क्षेत्र 8 से 9 प्रतिशत था, जिसमें वृद्धि कर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। हमलोगों का लक्ष्य इसे 17 प्रतिशत करने का है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत लगभग 1 लाख 4 हजार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है, जिसमें 4155 अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राएं हैं।

प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत इस वर्ष 20 लाख 46 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है, जिसमें 1 लाख 41 हजार अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राएं हैं।

मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल खोला जा रहा है। जुलाई में डिग्री कॉलेज की शुरुआत करने जा रहे हैं।

उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में मैराथन का आयोजन करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसमें प्रथम विजेता को 1 लाख, द्वितीय विजेता को 75 हजार एवं तृतीय विजेता को 50 हजार रुपए का इनाम मिलेगा।

उन्होंने कहा कि कैमूर के अधौरा में, जहां आदिवासी समाज के लोग संघर्ष का जीवन जी रहे हैं, वहां भी डिग्री कॉलेज खोला जाएगा। वाल्मीकि नगर तथा कैमूर में हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे। इससे इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। आदिवासी समाज के बीच पर्यटकों के लिए होम स्टे को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोग आदिवासी संस्कृति को भी बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की उन्नति एवं समृद्धि के लिए हमलोग काम कर रहे हैं। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने भी संबोधित किया। संवाद कार्यक्रम के तहत पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभुकों ने अपने-अपने अनुभव एवं प्रेरणादायी विचार मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

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