उत्तर प्रदेश में घाघरा नदी का जलस्तर हुआ स्थिर, बाढ़ का खतरा घटा
लखनऊ, । उत्तर प्रदेश के बलिया, अयोध्या, बाराबंकी में तटस्थ
लोगों में दहशत फैलाने के बाद घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है। घाघरा
नदी खतरे के निशान से नीचे आ गयी है। जिससे प्रमुख घाटों से जुड़ें कई
गांवों में बाढ़ का खतरा कम हो गया है।
बहराइच से होते हुए
बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज घाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही घाघरा नदी
शनिवार की सुबह खतरे के निशान से .114 मीटर नीचे आ गयी। घाघरा नदी के खतरे
के निशान से नीचे आने पर सिंचाई विभाग, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने राहत
की सांस ली है।
बाराबंकी के आगे बढ़ने पर अयोध्या में घाघरा नदी
खतरे के निशान से .23 मीटर नीचे है। इसी तरह बलिया जनपद के तुर्तीपार घाट
पर .13 मीटर नीचे उतरने पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ
गया है।
सिंचाई विभाग की टीमें लगातार बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए
कटान रोकने के कार्य में जुटी हुई है। घाघरा नदी के तटीय क्षेत्रों में
विभागीय अधिकारियों ने स्थानीय लोगों व समूहों की मदद से कटान रोकने का
कार्य किया है। जिससे अभी तक बेहद राहत की स्थिति बनी हुई है।
— बदायूं में गंगा भी खतरे के निशान से नीचे
बदायूं
जनपद में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी रही है। बाढ़ से
बचाव कार्यो के बीच शुक्रवार की शाम को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से
.170 नीचे आ गया। बदायूं जनपद के कचला ब्रिज क्षेत्र में गंगा का जल स्थिर
हुआ पाया गया है।





