कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान को लेकर पूर्व सीएम गहलोत का सरकार पर निशाना

*]:pointer-events-auto scroll-mt-[calc(var(--header-height)+min(200px,max(70px,20svh)))]" dir="auto" data-turn-id="request-69cf4745-4394-8320-b590-add8aaaeb61b-6" data-testid="conversation-turn-28" data-scroll-anchor="true" data-turn="assistant">जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी सीरिज इंतजारशास्त्र के चैप्टर 12 के तहत पोस्ट कर इसे लोकतांत्रिक संवाद के लिए महत्वपूर्ण संस्थान बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।गहलोत ने अपनी पोस्ट में कहा कि कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया की तर्ज पर विकसित किया गया है, जहां ऑडिटोरियम, मीटिंग हॉल, कॉफी शॉप, जिम, रेस्टोरेंट और गेस्ट रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि यह स्थान प्रदेश के बुद्धिजीवियों, लेखकों और जनप्रतिनिधियों के लिए एक साझा मंच के रूप में तैयार किया गया था।पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार की “बदला लेने की राजनीति” के कारण इस महत्वपूर्ण संस्थान की उपेक्षा हो रही है।उन्होंने सरकार से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि निर्माण पूर्ण होने के बावजूद क्लब को लगभग एक साल तक बंद क्यों रखा गया। साथ ही, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि खुलने के बाद भी इसकी सदस्यता प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से लागू क्यों नहीं की जा रही।गहलोत ने कहा कि क्या सरकार लोकतांत्रिक चर्चा और संवाद से घबरा रही है? उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के संसाधनों की बर्बादी और नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना होगा।





