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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:35 · नई दिल्ली संस्करण

गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी उपलब्धि, मुख्यमंत्री दर्पण डैशबोर्ड में प्रदेश में अव्वल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी उपलब्धि, मुख्यमंत्री दर्पण डैशबोर्ड में प्रदेश में अव्वल

गौतमबुद्ध नगर। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और बेहतर कानून-व्यवस्था प्रबंधन का परिचय देते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री दर्पण डैशबोर्ड की मार्च 2026 की समीक्षा में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर को उत्तर प्रदेश के सभी कमिश्नरेट्स में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि पूरे प्रदेश के जनपदों में इसे दूसरा स्थान मिला है।

मुख्यमंत्री दर्पण डैशबोर्ड पर विभिन्न मानकों के आधार पर पुलिस की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें गौतमबुद्धनगर पुलिस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। डैशबोर्ड समीक्षा में 112 पीआरवी की रिस्पांस टाइम, शिकायतों का त्वरित पंजीकरण एवं निस्तारण, 1090 हेल्पलाइन, आईजीआरएस/जनसुनवाई, अग्नि सुरक्षा एनओसी जारी करना, आग से हुए नुकसान का आकलन जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया।

इसके अलावा महिलाओं के प्रति अपराधों जैसे हत्या, दुष्कर्म, शीलभंग, दहेज मृत्यु और अपहरण में प्रभावी कार्रवाई, पॉक्सो एक्ट के मामलों में तत्परता, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मामलों में कार्रवाई, लंबित विवेचनाओं का निस्तारण और वांछित अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम भी मूल्यांकन का हिस्सा रहे। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट, गुंडा नियंत्रण अधिनियम, गोवध निवारण अधिनियम, आबकारी और एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी प्रभावी कार्रवाई की।

साथ ही चरित्र प्रमाण पत्र, किरायेदार सत्यापन, घरेलू सहायकों का सत्यापन, सीसीटीएनएस शिकायतें, जुलूस एवं कार्यक्रम अनुमति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अदालतों से जुड़े कार्यों में भी तेज़ी और पारदर्शिता दिखाई गई। इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप कमिश्नरेट को ‘ए’ श्रेणी की रैंकिंग प्राप्त हुई है, जो इसकी बेहतर कार्यप्रणाली और जवाबदेही को दर्शाती है।

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरी टीम को देते हुए कहा कि आगे भी आम जनता की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए इसी तरह निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

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