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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:19 · नई दिल्ली संस्करण

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 5 करोड़ का फर्जीवाड़ा, 12 आरोपियों पर केस दर्ज

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 5 करोड़ का फर्जीवाड़ा, 12 आरोपियों पर केस दर्ज

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस गंभीर अनियमितता को लेकर थाना ईकोटेक प्रथम में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

यह कार्रवाई विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रभारी सीके सिंह की शिकायत पर की गई है। शिकायत के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा करीब 5 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है, जो छात्रों द्वारा जमा की गई फीस से जुड़ा हुआ है। इस मामले में विश्वविद्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी सहित कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अन्य आरोपियों में तत्कालीन वित्त अधिकारी नीरज कुमार, लेखाधिकारी शिलेंद्र कुमार, मुदित कुमार, विजय प्रताप सिंह, मुकेश पांडे, शिव कुमार खत्री, शिवम, संदीप, श्याम, नवीन और सुभाष के नाम शामिल हैं।

रजिस्ट्रार प्रभारी सीके सिंह का आरोप है कि इन सभी आरोपियों ने मिलकर छात्रों की फीस में बड़ा घोटाला किया। जांच में सामने आया है कि छात्रों से फीस तो ली गई, लेकिन उसे विश्वविद्यालय के बैंक खाते में जमा नहीं कराया गया। इसके बजाय फर्जी यूपीआई लेन-देन की रसीद बनाकर उन्हें विश्वविद्यालय के शुल्क संग्रह सॉफ्टवेयर में दर्ज कर दिया गया, ताकि रिकॉर्ड में फीस जमा होने का दिखावा किया जा सके।

प्रारंभिक जांच में केवल पिछले एक वर्ष के दस्तावेजों की पड़ताल की गई है, जिसमें ही लगभग 5 करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि यदि डॉ. विश्वास त्रिपाठी के पूरे पांच साल के कार्यकाल की गहन जांच की जाती है, तो घोटाले की राशि और भी अधिक हो सकती है।

इस बड़े वित्तीय घोटाले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच चिंता का माहौल है।

वहीं, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और विश्वविद्यालय की वित्तीय प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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