गौशालाएं बनीं 20 लाख युवाओं की आजीविका का आधार, नवंबर में होगा राष्ट्रीय गौधन समिट 2025

गौशालाएं बनीं 20 लाख युवाओं की आजीविका का आधार, नवंबर में होगा राष्ट्रीय गौधन समिट 2025
नई दिल्ली, 3 जुलाई 2025 : देशभर में संचालित 22,000 से अधिक गौशालाएं अब केवल गोसेवा का केंद्र नहीं रहीं, बल्कि वे आत्मनिर्भर भारत के सशक्त स्तंभ बनकर उभरी हैं। इन संस्थानों के माध्यम से 20 लाख से अधिक युवाओं को आजीविका के अवसर प्राप्त हुए हैं। पंचगव्य, जैविक खाद, औषधियाँ और गोबर से बनी पर्यावरण-मित्र लकड़ियाँ जैसे नवाचारों ने जहां स्वरोजगार के नए द्वार खोले हैं, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी एक नई दिशा दी है। यह जानकारी राष्ट्रीय गौधन महासंघ के मुख्य संयोजक विजय खुराना ने राजधानी दिल्ली स्थित हौजखास कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।
खुराना ने बताया कि एक समय पर देश में प्रतिवर्ष लगभग 9.5 लाख टन गोबर नालियों और सड़कों में बह जाया करता था, जो एक पर्यावरणीय चुनौती थी। लेकिन अब उसी गोबर को संसाधन में बदलकर पेड़ों की कटाई को रोका गया है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 5 से 10 नवम्बर तक मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में राष्ट्रीय गौधन समिट 2025 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर की गौशालाएं भाग लेंगी और लगभग 600 से अधिक स्टॉल पर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी। समिट में लगभग 5 लाख लोगों की सहभागिता की उम्मीद की जा रही है।
इस भव्य आयोजन के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 5 नवंबर तथा समापन समारोह के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 10 नवंबर को आमंत्रित किया गया है। समिट में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, वरिष्ठ सांसद पुरुषोत्तम रूपाला, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, आरएसएस प्रचारक देवी चंद्र चोपड़ा और आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर समेत कई गणमान्य हस्तियां शामिल होंगी।
विजय खुराना ने चिंता व्यक्त की कि केंद्र सरकार के पास अब तक गौरक्षा हेतु कोई समर्पित कानून नहीं है, जबकि कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर इस दिशा में कानून बनाए हैं। उन्होंने केंद्र से इस विषय में गंभीरता दिखाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त कानून बनाने की मांग की। इस मौके पर 100 वर्ष की ओर अग्रसर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक देवी चंद्र चोपड़ा ने कहा कि “भारत की समृद्धि का पैमाना गोसंख्या होनी चाहिए, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गायों की संख्या में लगातार गिरावट हो रही है।” उन्होंने समाज और सरकार से मिलकर इस स्थिति में सुधार की अपील की।
गौधन समिट की संयोजक और पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि “कृष्ण की गाय और शिव के नंदी को बचाए बिना भारत का कल्याण संभव नहीं है।” उन्होंने गौसेवा को राष्ट्रसेवा के समकक्ष बताते हुए युवाओं से इसके लिए आगे आने की अपील की।
मीडिया प्रभारी राम महेश मिश्र ने जानकारी दी कि समिट में देशभर की गौशालाएं भाग लेंगी और अपने विविध गौ-उत्पादों जैसे पंचगव्य, जैविक खाद, औषधियाँ, गोमय ईंधन और दैनिक उपयोग की वस्तुएं प्रदर्शित करेंगी। इस अवसर पर पूर्व विधायक मदन लाल, सनातन धर्म महासभा के भूषण लाल पाराशर, भारत विकास परिषद के महेश शर्मा, वैद्य ज्ञानेन्द्र प्रकाश सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय गौधन समिट 2025 गोसेवा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगा, यह भारत के ग्रामीण युवाओं और पर्यावरण संरक्षण को भी नया संबल प्रदान करेगा।





