मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:56 · नई दिल्ली संस्करण

स्कूल में बनाई गौशाला ताकि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को मिले शुद्ध दूध

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
स्कूल में बनाई गौशाला ताकि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को मिले शुद्ध दूध

स्कूल में बनाई गौशाला ताकि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को मिले शुद्ध दूधमनीष बावलियाअलवर, 01 मार्च । अलवर भिवाड़ी मार्ग स्थित लॉर्ड्स इंटरनेशनल स्कूल में हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को गाय का दूध व दूध से बने उत्पाद खाने पीने में दिए जाते हैं। संभवत यह पहला मामला जब स्कूली बच्चों के लिए स्कूल ने गोशाला ही बना रखी है। खास बात यह है कि स्कूल परिसर में ही गोवंश को पाला गया है। स्कूल के पीछे के हिस्से में गौशाला बनी हुई है। लॉर्ड्स स्कूल के चेयरमैन मनोज चाचान ने बताया कि गौशाला में करीब 35 गाय और 50 बछड़े हैं। जिनका ध्यान तीन कर्मचारी रखते हैं। इन गायों को बच्चों के लिए खरीदा गया है। हॉस्टल में पढ़ने वाले बच्चों को गाय का दूध सुबह शाम दिया जाता है। इसके अलावा चाय बनाने के काम में लिया जाता है। उन्होंने बताया कि आजकल मिलावटी का जमाना है। जिस कारण बाहर से दूध लाने में खतरा ही रहता है। इसलिए 5 साल पहले गौशाला की शुरुआत की गई। तभी से लेकर आज तक गौशाला नियमित रूप से चल रही है।फल और सब्जी का लगा है बगीचास्कूल परिसर में फल और सब्जी का बगीचा भी लगा हुआ है। चेयरमैन मनोज चाचा ने बताया कि बगीचे में नींबू, जामुन, केला, मौसमी, सहतुत, आडू, अनार, आंवला के अलावा सब्जियां भी उगाई हुई है। इनका प्रयोग भी बच्चों के लिए ही होता है।जैविक खाद भी होती है तैयारचाचान ने बताया कि गौशाला के पास ही जैविक खाद बनाने का काम भी किया जाता है। यही कर्मचारियों द्वारा बगीचे के लिए जैविक खाद तैयार की जाती है। जिससे फल और सब्जियों में पौष्टिकता बनी रहती है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें