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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:03 · नई दिल्ली संस्करण

नीट, पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावे पर सरकार को घेरा, गौरव गोगोई का बड़ा आरोप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नीट, पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावे पर सरकार को घेरा, गौरव गोगोई का बड़ा आरोप

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले विपक्षी दलों ने सरकार पर अहम जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और जेबी माथर समेत विपक्षी नेताओं ने कहा कि देश नीट परीक्षा, राम जन्मभूमि मंदिर के लिए मिले चढ़ावा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर संसद में चर्चा चाहता है, लेकिन सरकार ने अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट एजेंडा या समय तय नहीं किया है।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि ये मुद्दे सीधे तौर पर लोगों से जुड़े हुए हैं और पूरे देश की इन पर नजर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि संसद में किन मुद्दों पर चर्चा होगी और चर्चा कब शुरू की जाएगी।

सरकार को ऐसा कदम उठाना चाहिए जिससे जनता को भरोसा हो कि उनकी चिंताओं को संसद में जगह मिलेगी।

गोगोई ने कहा कि लंबे समय से यह स्पष्ट है कि सरकार प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र में राम मंदिर, नीट और अन्य जनहित के विषय प्रमुख मुद्दे हैं, लेकिन सरकार के पास अब तक कोई स्पष्ट कार्ययोजना नहीं दिखाई दे रही है।

कांग्रेस नेता जेबी माथर ने भी सरकार पर विपक्ष की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद का सुचारू संचालन विपक्ष का भी अधिकार है, लेकिन इसके लिए सरकार को विपक्ष को विश्वास में लेना होगा और उठाए जा रहे गंभीर मुद्दों पर ध्यान देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष का उद्देश्य संसद की कार्यवाही में बाधा डालना नहीं है, बल्कि जनता से जुड़े मामलों पर चर्चा सुनिश्चित करना है।

जेबी माथर ने आरोप लगाया कि सरकार ने मानसून सत्र की शुरुआत ही खराब तरीके से की है। उन्होंने सर्वदलीय बैठक में एनसीपीआई को बुलाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष ने पहले ही अपनी मांगें रख दी हैं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की है।

वहीं, सीपीआई सांसद पी. संतोष ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मानसून सत्र में उनकी पार्टी की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उन्होंने कहा कि नीट और अन्य परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर देश में नाराजगी है, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है।

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