Delhi पुलिस का एक्शन: 'सिर फोड़ने' का दावा करने वाला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार

जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा कार्यकर्ता के पिता पर हमला करने के आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई ने एक गंभीर मामले में पुलिस द्वारा की गई गहन जांच को उजागर किया है, जिसमें अब पॉक्सो और एससी,एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। यह गिरफ्तारी एक छात्र संगठन के सह-संयोजकों और समर्थकों द्वारा दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का घेराव करने और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग के बाद हुई।
स्वयं को सनातनी योद्धा बताने वाले लगभग 20 वर्षीय स्वतंत्र भारद्वाज ने एक वीडियो में खुले तौर पर डींगें हांकी थीं कि उसने प्रदर्शन के दौरान नाबालिग लड़की के पिता का सिर फोड़ दिया था और अपने राजनीतिक रसूख के दम पर वह जेल जाने से बचता रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिससे जनता में भारी आक्रोश फैल गया। पीड़ित छात्रा ने बताया कि पिता पर हमले की एफआईआर दर्ज कराने के बाद उसे सोशल मीडिया पर लगातार गालियां और बलात्कार की धमकियां मिल रही थीं, जिसके कारण उसका स्कूल जाना तक छूट गया था।
इन धमकियों ने छात्रा के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला और उसे सामान्य जीवन जीने में भी बाधा उत्पन्न हुई। प्रदर्शनकारियों और संगठनों के बढ़ते दबाव के बाद, दिल्ली पुलिस ने संगठन के प्रतिनिधियों को आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए, मूल रूप से बिहार का रहने वाला भारद्वाज शुक्रवार तड़के बुलंदशहर के नैथला गांव पहुंचा। वहां वह हरिशंकर शर्मा नाम के एक कैब ड्राइवर के घर रुका था, जिससे उसकी मुलाकात पहले एक सफर के दौरान हुई थी।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई को बिना किसी अग्रिम सूचना के त्वरित ढंग से अंजाम दिया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मूल एफआईआर में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ दी गई हैं, जबकि नाबालिग को मिली धमकियों और उत्पीड़न के संबंध में पॉक्सो एक्ट के तहत एक नई एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी से अब हिरासत में गहन पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों का पता लगाया जा सके। यह मामला सामाजिक न्याय और नाबालिगों के संरक्षण के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है।





