बरेली जेल से रिहा हुए पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा कि मुकदमा फर्जी न होता तो नहीं मिलती जमानत
- पत्नी को चुनाव लड़ाने की बात कहकर जौनपुर के लिए रवाना हुए जेल से रिहा धनंजय
बरेली । इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बाहुबली पूर्व
सांसद धनंजय सिंह बुधवार को सुबह बरेली सेन्ट्रल जेल से रिहा हुए। इस दौरान
उन्हें जौनपुर से सैकड़ों समर्थक लेने पहुंचे थे। धनंजय अपने समर्थकों के
साथ कई गाड़ियों के काफिले से जौनपुर के लिए रवाना हो गए।
जेल
से रिहाई के बाद धनंजय सिंह ने पत्रकारों से कहा कि मुझ पर लगा मुकदमा
फर्जी है, वरना जमानत नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि वह जौनपुर से पत्नी को
चुनाव लड़वाएंगे। धनंजय सिंह की रिहाई पर बरेली सेंट्रल जेल के बाहर उनके
समर्थकों ने फूल मालाएं पहनाकर खुशी व्यक्त की।
उल्लेखनीय है कि
वादी अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को लाइन बाजार थाने में पूर्व सांसद धनंजय
सिंह समेत दो के खिलाफ अपहरण व रंगदारी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस
ने विवेचना करके तीन माह के अंदर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। कोर्ट
ने दो अप्रैल 2022 को धनंजय व सहयोगी पर आरोप तय किया था। इसके बाद 130
तारीखों की सुनवाई के बाद पांच मार्च 2023 को धनंजय समेत दो को दोषी पाया
गया। इसके बाद धनंजय सिंह को अपहरण व रंगदारी के मामले में तत्कालीन जज शरद
चंद त्रिपाठी की कोर्ट ने सात मार्च 2024 को सजा सुनाई थी। कोर्ट के
द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने धनंजय समेत दोनों को गिरफ्तार करके
जेल भेज दिया था। 27 अप्रैल को हाईकोर्ट ने धनंजय सिंह को जमानत पर रिहा
करने का आदेश दिया था। जमानत मिलने के बाद आज जौनपुर के बाहुबली पूर्व
सांसद धनंजय सिंह की बरेली सुबह रिहा हुए।
बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं धनंजय सिंह की पत्नी
धनंजय
सिंह की पत्नि श्रीकला रेड्डी बहुजन समाज पार्टी की टिकट पर जौनपुर लोकसभा
से चुनाव मैदान में हैं। अब हाईकोर्ट से धनंजय सिंह को जमानत मिली है तो
वह जौनपुर में प्रचार करते हुए जरूर दिखाई देंगे। सीधे तौर पर कह सकतें हैं
कि जौनपुर की लड़ाई बेहद रोचक हो चुकी है। भाजपा ने जौनपुर से कृपा शंकर
सिंह और सपा गठबन्धन से बाबू सिंह कुशवाहा उम्मीदवार हैं तो वहीं बीएसपी के
टिकट पर धनंजय सिंह की पत्नी चुनाव लड़ रहीं हैं। अब धनंजय सिंह के जेल से
बाहर आने के बाद जौनपुर में लड़ाई त्रिकोणी होती दिख रही है।





