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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार, ठेके में रिश्वत का आरोप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार, ठेके में रिश्वत का आरोप

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी और मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने सोमवार दोपहर को बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया। ब्लैकलिस्टेट एजेंसी टीडीपीएल को परीक्षा का ठेका देने में नियमों की अनदेखी और कथित रिश्वतखोरी की भूमिका सामने आई है।

सीआईडी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को नियमों को दरकिनार कर काम दिया गया। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आउटसोर्सिंग एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने जांच एजेंसी को पूछताछ में बताया गया है कि इस सौदे के एवज में खियांग्ते ने टीडीपीएल से करीब दो करोड़ रुपये की कथित रिश्वत ली और कुल सौदे का 20 प्रतिशत कमीशन लिया।

सीआईडी ने इसके पहले खियांग्ते से चार अलग-अलग दौर में 30 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। जांच में यह भी सामने आया कि टीडीपीएल को काम दिए जाने को लेकर तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने आयोग के शीर्ष अधिकारियों को एजेंसी के रिकॉर्ड की जानकारी दी थी। आपत्ति के अनुसार, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने टीडीपीएल को 20 मई 2025 को ब्लैकलिस्ट और डी-लिस्ट किया था।

इसके बावजूद एजेंसी को खुली निविदा के बजाय नामांकन के आधार पर परीक्षा का काम दिया गया।

पूछताछ के दौरान खियांग्ते ने अपने बचाव में कहा था कि एजेंसी के ब्लैकलिस्ट होने की आधिकारिक जानकारी चयन के समय आयोग को नहीं थी। उन्होंने इसे प्रशासनिक चूक बताया था। हालांकि, सीआईडी ने उनकी भूमिका को लेकर जांच आगे बढ़ाई। इससे पहले सीआईडी ने खियांग्ते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी की थी।

इस दौरान कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे। सीआईडी ने इस मामले में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, अभय तिवारी और पूर्व अध्यक्ष के कंप्यूटर ऑपरेटर समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।

सीआईडी ने टीडीपीएल के रांची और लखनऊ स्थित कार्यालयों को भी सील किया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और समानांतर सिंडिकेट से और कौन-कौन से अधिकारी और लोग जुड़े थे।

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