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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:25 · नई दिल्ली संस्करण

योगी सरकार के विधि विज्ञान प्रयोगशाला विस्तार से अपराध नियंत्रण में आई तेजी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
योगी सरकार के विधि विज्ञान प्रयोगशाला विस्तार से अपराध नियंत्रण में आई तेजी

फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के सपनों को मिल रही उड़ानलखनऊ। योगी सरकार ने पिछले आठ वर्षों में अपराध की रोकथाम, अपराधियों की पहचान और कोर्ट में प्रभावी पैरवी के जरिये कठोर सजा दिलाने के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला का विस्तार किया है। वहीं प्रदेश में फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना भी की, ताकि प्रदेश के युवा फॉरेंसिक के क्षेत्र में अपना करियर बना सकें। साथ ही इसके माध्यम से फॉरेंसिक के जरिये साइबर अपराध समेत अपराधियों को फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर कड़ी सजा दिलायी जा सके।प्रदेश का पहला फॉरेंसिक इंस्टीट्यूटयोगी सरकार ने प्रदेश के पहले फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की है। वर्तमान में यह संस्थान फॉरेंसिक शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रशिक्षु वैज्ञानिकों, पुलिस अधिकारियों और जांच से जुड़े कर्मियों समेत छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। साथ ही नई तकनीकों पर शोध कार्य भी किया जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि प्रदेश में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं को न सिर्फ विस्तार दिया गया, बल्कि उन्हें अत्याधुनिक संसाधनों से भी लैस किया गया है। प्रदेश में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की संख्या और क्षमता में वृद्धि, आधुनिक तकनीक का समावेश और प्रशिक्षित वैज्ञानिकों की नियुक्ति ने प्रदेश में अपराध नियंत्रण की गति को तेज कर दिया है।2017 से पहले केवल 4 प्रयोगशालाएं थी, अब 12 सक्रियराज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महज चार विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं संचालित थी। इन प्रयोगशालाओं का संचालन लखनऊ, वाराणसी, आगरा और गाज़ियाबाद में किया जा रहा था। वहीं मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 के बाद 8 नई प्रयोगशालाएं स्थापित की गईं। वर्तमान समय में प्रदेश में कुल 12 विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं सक्रिय हैं। इनमें झांसी, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर, बरेली, गाेंडा, अलीगढ़ और मुरादाबाद शामिल हैं। अब विभिन्न जिलों में उपलब्ध प्रयोगशालाओं से पुलिस और न्यायालयों को समयबद्ध रिपोर्ट प्राप्त हो रही है।प्रदेश में छह नई प्रयोगशालाओं की स्थापना का कार्य जारीप्रदेश सरकार ने आधुनिक तकनीकों से लैस फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए और भी जिलों में नए केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में अयोध्या, बस्ती, बांदा, आज़मगढ़, मीरजापुर और सहारनपुर में 6 नई प्रयोगशालाओं की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। इन प्रयोगशालाओं के शुरू हो जाने के बाद प्रदेश में अपराध नियंत्रण और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया और भी प्रभावी हो जाएगी।सीएम योगी सोमवार को फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में करेंगे उद्घाटनसीएम योगी सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान (यूपीएसआईएफएस) के तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में साइबर, बहुपक्षीय कानूनी ढांचे, फॉरेंसिक और रणनीतिक काउंटरमेजर्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में दुनियाभर के विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे, जो साइबर अपराध और अपराध विज्ञान से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान के ऑडिटोरियम में आयोजित होगा।-------------------

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