होली पर बिहार लौटने वालों के लिए एडवाइजरी, बुखार या करोना के लक्षण हों तो न करें रेलयात्रा
कोरोना महामारी के खिलाफ वैक्सीनेशन अभियान जारी है, रेलवे ने बिहार लौटने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है
होली पर बिहार लौटने वालों को एडवाइजरी, बुखार या करोना के लक्षण हों तो न करें रेलयात्रा
नई दिल्ली। देश में कोरोना महामारी के खिलाफ वैक्सीनेशन अभियान जारी है। बावजूद इसके कोरोना वायरस का जहरीला नाग फिर से अपना फन उठाता हुआ नजर जा रहा है। यही वजह है कि महाराष्ट्र और पंजाब समेत देश के कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू और लॉकडाउन लगाने तक की नौबत आ गई है। इस बीच कुछ दिन बाद आने वाले होली के त्योहार को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट हो गई हैं। वहीं, रेलवे ने भी सर्तकता दिखाते हुए होली पर राजधानी दिल्ली और मुबंई से बिहार लौटने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की। रेलवे की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया कि होली पर्व पर जो यात्री दिल्ली व मुंबई समेत देश के दुसरे इलाकों से बिहार आ रहे हैं, उनकी न केवल थर्मल स्कैनिंग की जाए, बल्कि उनको मास्क या फेस कवर पहनना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
यात्रियों की गंभीरता से जांच
इसके चलते मुंबई से पटना जंक्शन पर उतरने वाले यात्रियों की गंभीरता से जांच की जा रही है। यहां से यात्रियों को थर्मन स्कैनिंग के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है। यही नहीं इस दौरान बिना मास्क वाले यात्रियों को नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी जा रही है। कोरोना संक्रमण को लेकर यात्रियों में जागरुकता लाने के लिए रेलवे की ओर से पटना जंक्शन पर अनाउंसमेंट कर उनको कोविड के खतरे के मद्देनजर अहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, मास्क पहनने और अन्य नियमों का पालन करने संबंधी निर्देश दिए जा रहे हैं। रेलवे ने यात्रियों को बुखार या कोरोना वायरस के लक्षण हल्के लक्षण मिलने पर भी रेल में यात्रा न करने की सलाह दी है।
रेलवे कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता
पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ललित चंद्र त्रिवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि महाराष्ट्र समेत देश के दूसरे इलाकों से बिहार आ रहे यात्रियों की हर सूरत में जांच की जाए। चूंकि महाराष्ट्र लागातार कोरोना प्रभावित राज्यों की सूची में नंबर एक पर बना हुआ है। ऐसे में विशेष सर्तकता बरती जा रही है। चूंकि होली के समय बिहार लौटने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक रहती है, इसलिए रेलवे कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता।





