नीतीश सरकार का सोमवार को फ्लोर टेस्ट सोमवार को, सियासी सरगर्मी बढ़ी
नीतीश सरकार का सोमवार को फ्लोर टेस्ट सोमवार को, सियासी सरगर्मी बढ़ी
जदयू की बैठक में नहीं पहुंचे 4 विधायक
हैदराबाद से कांग्रेस विधायक पहुंचे पटना, तेजस्वी आवास गए
पटना। नीतीश सरकार का सोमवार को फ्लोर टेस्ट है। इसे लेकर पक्ष और विपक्षी पार्टियों की टेंशन बढ़ गई है। भाजपा, राजद, जदयू, कांग्रेस, लेफ्ट और हम पार्टी ने अपने-अपने विधायकों की तगड़ी बाड़ेबंदी की है। वहीं कांग्रेस के विधायक हैदराबाद से पटना एयरपोर्ट चार्टर्ड प्लेन से पहुंच गए हैं। उन्हें रिसीव करने खुद प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह पहुंचे। विधायक यहां से सीधे तेजस्वी आवास गए। जहां शनिवार से ही राजद के विधायकों को रखा गया है। वहीं पर विधायकों के नाश्ते, खाने और मनोरंजन की व्यवस्था की गई है। सीपीआई (माले) समेत वाम पार्टियों के सभी 16 विधायक सुबह तेजस्वी आवास पर पहुंचे। यहां सभी ने ब्रेकफास्ट किया। यहां से ये कल सीधे विधानसभा जाएंगे। राजद ने अपने विधायकों के लिए व्हिप भी जारी कर दिया है। तेजस्वी ने रविवार दोपहर बाद अपने विधायकों के साथ क्रिकेट भी खेला। राजद के दो विधायक बाहर हैं। उनके बारे में कहा जा रहा है कि सत्ता पक्ष की तरफ से उन्हें लोकसभा का आॅफर है। सीवान के विधायक जिले में मुस्लिम राजनीति के चलते नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं।
मंत्री बोले- सीएम हम हर हाल में बहुमत हासिल करेंगे :
वहीं रविवार को मंत्री विजय चौधरी के आवास पर जदयू विधायकों की बैठक डेढ़ घंटे तक चली। सीएम नीतीश कुमार-मंत्रियों समेत 38 विधायक पहुंचे। बैठक में 4 विधायक के नहीं पहुंचने की खबर है। उन चारों विधायकों में बीमा भारती, संजीव सिंह, दिलीप राय और सुदर्शन शनिवार को भी मंत्री श्रवण कुमार के बंगले पर आयोजित भोज में नहीं पहुंचे थे। रूपौली विधायक बीमा भारती का मोबाइल स्विच आॅफ है। बैठक खत्म होने के बाद विजय चौधरी ने कहा कि सीएम हम हर हाल में बहुमत हासिल करेंगे। जो 2 या 3 विधायक नहीं आए हैं, उन्होंने पार्टी को विधिवत सूचना दी है। कल सबसे पहले राज्यपाल का अभिभाषण होगा। फिर विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आएगा। हालांकि, शालिनी मिश्रा को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा है कि वो दिल्ली में थीं और मेरे साथ फ्लाइट से पटना लौट रही हैं। आज शालिनी मिश्रा और अशोक कुमार चौधरी विजय चौधरी के बंगले पर पहुंच गए हैं। बाकी चारों विधायक आज भी नहीं आए हैं। सभी विधायक रात में यहीं पर रुकेंगे।
बीजेपी विधायक तीन बसों में पटना पहुंचे :
दो दिन से गया के होटल में रुके बीजेपी विधायक तीन बसों में पटना रवाना हो गए। विधायक डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के आवास पर रहेंगे। विधायकों के साथ बिहार प्रभारी विनोद तावड़े भी मौजूद हैं। कल होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गया में चल रही बीजेपी विधायकों की वर्कशॉप को वर्चुअली संबोधित किया। शिविर में बीजेपी के 3 विधायक नहीं पहुंचे। हालांकि बाद में दो विधायक मिश्रीलाल यादव और भागीरथी देवी पहुंच गईं। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा- प्रशिक्षण में सदस्यों को सदन की जानकारी दी जा रही है। पश्चिम चंपारण के नकटियागंज से विधायक रश्मि वर्मा के बारे में कहा गया है कि उनकी सास की तबीयत खराब है। इसलिए नहीं आईं। वहीं केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने कहा कि अब कोई खेला नहीं होने वाला, ये सब मेला है। कुछ नहीं होने वाला। जो अपने विधायकों को रखे हुए हैं, उन्हें डर है। हमें कोई डर नहीं है।
सरकार के पक्ष में मतदान करेंगे हम विधायक :
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से) की ओर से व्हिप जारी किया गया है। इसके माध्यम से पार्टी के सभी विधायकों को फ्लोर टेस्ट के समय 12 फरवरी को निर्धारित समय में विधानसभा में उपस्थित रहने और सरकार के पक्ष में वोट देने का निर्देश जारी किया गया है। पार्टी के सभी विधायक फ्लोर टेस्ट के समय सदन में मौजूद रहेंगे। फ्लोर टेस्ट में होने वाली चर्चा में पार्टी के सभी विधायक शामिल रहेंगे। मत विभाजन की स्थिति के समय पार्टी के सभी विधायक एनडीए के समर्थन से बनी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के पक्ष में खड़े रहेंगे। मतदान करने की स्थिति उत्पन्न होने के दौरान सभी विधायक सरकार के पक्ष में वोट करेंगे।
फ्लोर टेस्ट से पहले राजभवन में बड़ा बदलाव :
सोमवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले राजभवन में लीगल एडवाइजर की पूरी टीम को बदल दिया गया है। सूत्रों के अनुसार बिहार के राज्यपाल के विधि सलाहकार की नई टीम में डॉ कृष्ण नंदन सिंह को चीफ लीगल एडवाइजर, राजीव रंजन पाण्डेय को लीगल एडवाइजर कम रिटेनर और जनार्दन प्रसाद सिंह को एडिशनल कॉन्सिल बनाया गया है। इसकी अधिसूचना राजभवन सचिवालय से जारी कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार इन्हें आई वीं गिरी, आर के गिरी और राणा विक्रम सिंह की जगह नियुक्त किया गया है।
स्पीकर को हटाने के लिए चाहिए 122 का संख्या बल :
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि बिहार विधानसभा में स्पीकर को हटाने के लिए विधानसभा के एक्चुअल सदस्यों यानी 243 में से 122 चाहिए। यह सर्वोच्च न्यायालय का भी निर्देश है। महाराष्ट्र के मामले में भी ऐसा ही निर्देश है। इसमें किसी तरह का पेंच नहीं होना चाहिए। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पहली कार्यवाही स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर होगी। मनोज झा ने आगे कहा कि अगर विधानसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए सरकार ने कोर्ट के निर्देश के विपरीत कोई चाल चली तो राजद कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है।





