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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:48 · नई दिल्ली संस्करण

वाराणसी में बढ़ा बाढ़ का खतरा, चेतावनी बिंदु से 28 सेमी नीचे गंगा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
वाराणसी में बढ़ा बाढ़ का खतरा, चेतावनी बिंदु से 28 सेमी नीचे गंगा

वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी में गंगा का जलस्तर सोमवार को नमो घाट की ऊपरी सीढ़ी तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के राजघाट गेज पर सोमवार सुबह 10 बजे जलस्तर 69.94 मीटर और दोपहर 12 बजे 69.98 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। रविवार रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 69.52 मीटर था। गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है। इस लिहाज से गंगा अब चेतावनी बिंदु से महज 28 सेंटीमीटर दूर है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के फ्लड डेली बुलेटिन के अनुसार गंगा के पलट प्रवाह के कारण वरुणा नदी के किनारे स्थित सरैया, सलारपुर और नख्खीघाट के तीन वार्ड/मोहल्ले प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण अब तक 31 परिवारों के 144 लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। तीन राहत शिविरों में 75 लोगों ने ली शरणप्रभावित लोगों के लिए जिला प्रशासन ने तीन राहत शिविर सक्रिय किए हैं।

प्राथमिक विद्यालय सलारपुर, प्राथमिक विद्यालय सरैया और सिटी गर्ल्स स्कूल, बड़ी बाजार में बनाए गए राहत शिविरों में फिलहाल 75 लोग शरण लिए हुए हैं।इनमें 22 पुरुष, 24 महिलाएं, 25 बच्चे, दो गर्भवती महिलाएं और दो बुजुर्ग शामिल हैं।

छह नाव और एनडीआरएफ की एक टीम तैनात बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने छह नावें और एनडीआरएफ की एक टीम तैनात की है। प्रभावित परिवारों को फ्लड राहत किट, लंच पैकेट, फल और दूध के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ओआरएस और क्लोरीन की गोलियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। फिलहाल बाढ़ से किसी किसान, फसल या कृषि क्षेत्र को नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। राहत और बचाव व्यवस्था को अलर्ट पर रखा गया है।

आने वाले घंटों में बढ़ सकती है चुनौती

गंगा के जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की लगातार वृद्धि प्रशासन के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले घंटों में वाराणसी के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव संसाधन लगाए जा सकते हैं।-

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