पीएफ व आईटीआर सहित अगले महीने से बदल रहे हैं पांच नियम, पड़ेगा सीधा असर
31 मार्च को वित्त वर्ष 2020-21 समाप्त हो जाएगा और एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत होगी। एक अप्रैल से इनकम टैक्स से जुड़े कई नियम भी बदल जाएंगे। ऐसे में करदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कर संबंधी सभी कार्य 31 मार्च से पहले पूरे हो जाएं। जुर्माने से बचने के लिए करदाताओं को इसी महीने कुछ कार्य निपटाने होंगे। वित्तीय वर्ष एक अप्रैल से 31 मार्च तक होता है। इस अवधि के दौरान लोगों द्वारा अर्जित आय पर कर की गणना की जाती है।
जानते हैं अगले महीने से टैक्स से जुड़े क्या बदलाव हो रहे हैं।
पीएफ-टैक्स नियम
कोरोना काल में कई योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज कम हुआ था, लेकिन ईपीएफ खातों में अधिक ब्याज मिलता है। अब अगले महीने यानी एक अप्रैल से नया नियम लागू होने जा रहा है। एक फरवरी 2021 को पेश बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रोविडेंट फंड पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स की घोषणा की गई थी। अब एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख तक ईपीएफ में निवेश ही टैक्स फ्री होगा। उससे ज्यादा निवेश करने पर अतिरिक्त राशि पर ब्याज से होने वाली कमाई पर टैक्स लगेगा।
LTC कैश वाउचर योजना
पिछले साल वित्त मंत्री ने यात्रा अवकाश भत्ते कैश योजना की घोषणा की थी। अगले महीने यह लागू हो जाएगी। इस योजना के तहत सरकारी कर्मचारी को नकद वाउचर मिलेगा, जिससे वो खर्च कर सकेंगे। इससे अर्थव्यवस्था में वृद्धि होगी। इस योजना का लाभ पीएसयू व सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। इसके तहत ट्रेन या प्लेन के किराए का भुगतान होगा और वह टैक्स फ्री होगा।
वरिष्ठ नागरिकों को नहीं भरना होगा आयकर रिटर्न
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 में 75 साल से ज्यादा उम्र वाले बुजुर्गों को आयकर रिटर्न भरने से छूट का ऐलान किया था। यह छूट उन वरिष्ठ नागरिकों को दी गई है जो पेंशन या फिर फिक्स्ड डिपोजिट पर मिलने वाले ब्याज पर आश्रित हैं।
आयकर रिटर्न न भरने पर दोगुना TDS
जिन करदाताओं ने आईटीआर समय पर नहीं भरा, उनके लिए नियम अब सख्त हो गए हैं। सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 206AB को जोड़ दिया है। आईटीआर नहीं भरने पर एक अप्रैल 2021 से आपको दोगुना TDS देना होगा। जिन लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है, उन पर टैक्स कलेक्शन ऐट सोर्स (टीसीएस- TCS) भी ज्यादा लगेगा। एक जुलाई 2021 से पीनल टीडीएस और टीसीएल दरें 10 से 20 फीसदी होंगी, जो आमतौर पर पांच से 10 फीसदी होती हैं।
प्री-फिल्ड ITR फॉर्म
1 अप्रैल 2021 से कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए और आयकर रिटर्न फाइल करने की प्रकिया को आसान बनाने के लिए इंडिविडुअल करदाताओं को प्री-फिल्ड आईटीआर फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। इससे करदाता आसानी से आयकर फाइल कर सकेंगे।





