मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:17 · नई दिल्ली संस्करण

भारत और कांगो ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की संभावनाओं पर की चर्चा

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

नई

दिल्ली, । भारत और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के

रक्षा मंत्रालयों के बीच पहली सचिव स्तरीय बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली में

हुई। बैठक में प्रशिक्षण और रक्षा उद्योग में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए

विस्तृत चर्चा की गई। इसके अलावा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की संभावनाओं को

पूरा करने के लिए सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित किया

गया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा विनिर्माण क्षमता में भारत की

महत्वपूर्ण प्रगति के बारे में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के सैन्य

अधिकारियों को जानकारी दी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा सचिव

गिरिधर अरमाने और कांगो का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय के स्थायी सचिव मेजर

जनरल लुकुइकिला मेटिकविजा मार्सेल ने किया। बैठक में दोनों देशों के रक्षा

मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और भारत में डीआरसी के दूतावास के

प्रतिनिधि शामिल थे।

इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा

सहयोग की संभावनाओं को पूरा करने के लिए सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करना

था। डीआरसी पक्ष ने अपने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की आवश्यकता को साझा

किया। उन्होंने भारत के रक्षा उद्योग की क्षमता में विश्वास व्यक्त किया और

सह-उत्पादन तथा सह-विकास के क्षेत्रों का सुझाव दिया। इससे पूर्व डीआरसी

प्रतिनिधिमंडल ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। इस

यात्रा से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के नए मार्ग खुलने की उम्मीद है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें