वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों ने कर प्रोत्साहन और विसंगतियां दूर करने का दिया सुझाव
नई
दिल्ली, । वित्तीय और पूंजी बाजार के विशेषज्ञों ने गुरुवार
को बाजार को व्यापक बनाने के लिए आगामी आम बजट 2024-25 में कर प्रोत्साहन
देने की वकालत की। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ यहां बजट
पूर्व परामर्श बैठक में क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों ने सरकार से कर कानून
और दरों में विसंगतियों को दूर करने का भी आग्रह किया।
वित्त
मंत्रालय ने ‘एक्स’ पोस्ट पर एक बयान में कहा कि केंद्रीय वित्त एवं
कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में बजट पेश होने
से पहले दूसरी परामर्श बैठक की। सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक
में आगामी आम बजट 2024-25 के संबंध में वित्तीय और पूंजी बाजार क्षेत्र के
प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। दरअसल वित वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट अगले
महीने संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है।
सीतारमण की
अध्यक्षता में दो घंटे तक चली इस बैठक के बाद मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी
के प्रबंध निदेशक और क्षेत्रीय प्रमुख (कंट्री हेड) अरुण कोहली ने कहा कि
कर नीतियों को स्थिर और दीर्घकालिक बनाये जाने की जरूरत है। विशेषज्ञों ने
पूंजीगत लाभ कर और प्रतिभूति लेनदेन कर पर भी अपने सुझाव दिए। वहीं, मुथूट
ग्रुप के प्रबंध निदेशक जॉर्ज अलेक्जेंडर मुथूट के अनुसार कुछ कंपनियों ने
बाजार को व्यापक बनाने और कुछ कर प्रोत्साहन दिये जाने की वकालत की।
मंत्रलाय
ने बताया कि आगामी आम बजट 2024-25 के संबंध में वित्तीय एवं पूंजी बाजार
क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों के साथ दूसरे बजट-पूर्व परामर्श बैठक
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, वित्त सचिव और व्यय विभाग के सचिव,
आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव, निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग
के सचिव, कॉरपोरेट मामलों के विभाग के सचिव और केंद्र सरकार के मुख्य
आर्थिक सलाहकार भी शामिल हुए।




