कैलाश हॉस्पिटल का किसानों ने किया घेराव, सिर मुंडवाकर पहुंचे
किसानों का आंदोलन सत्रहवें दिन भी कृषि कानूनों के खिलाफ जारी है. किसान संगठनों ने दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक ठप करनी की चेतावनी दी है. वहीं दूसरी तरफ हरियाणा में किसानों ने टोल प्लाजा को घेरने का आह्वान किया है. लिहाजा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में पुलिस अलर्ट है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं
रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिलने के बाद हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि केंद्र सरकार समाधान निकालने की कोशिश कर रही है. आपसी सहमति से हल निकलेगा. उन्होंने कहा कि जल्द 7वें दौर की बातचीत होगी. 48 घंटे में समाधान निकलने की उम्मीद है. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हल बातचीत से ही निकलेगा.
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने किसानों के आंदोलन को बदनाम करने के लगातार कदमों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि असल में सरकार किसानों की मुक्त समस्या तीन खेती के कानून और बिजली बिल 2020 की वापसी को हल नहीं करना चाहती. अपने जिद्दी रवैये को छिपाने के लिए वह इस तरह के कदम उठा रही है. पहले केन्द्र सरकार ने दावा किया कि किसानों का यह आंदोलन राजनीतिक दलों द्वारा प्रोत्साहित है. फिर उसने कहा कि यह विदेशी ताकतों द्वारा प्रोत्साहित है, इसके बाद उसने कहा कि यह पंजाब का आंदोलन है, जिसमें खालिस्तान पक्षधर ताकतें भाग ले रही हैं. इसके बाद कहा कि किसान संगठन वार्ता से बच रहे हैं जबकि हमने सभी वार्ताओं में भाग लिया, किसी वार्ता में जाने से मना नहीं किया और विस्तार से सरकार को अपना पक्ष समझाया और कहा कि वह साफ करे कि वह कानून वापस लेगी या नहीं. सच यह है कि सरकार के पास किसानों से बात करने के लिए कुछ है ही नहीं.





