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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:40 · नई दिल्ली संस्करण

मध्य प्रदेश में वन पर्यटन पर जोर : मोहन यादव

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मध्य प्रदेश में वन पर्यटन पर जोर : मोहन यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में जंगलों के बीच रहने वाले परिवारों को रोजगार दिलाने और आर्थिक तौर पर सक्षम बनाने के लिए वन पर्यटन पर जोर दिया जा रहा है।

राजधानी भोपाल में आयोजित भारतीय वन सेवा अधिकारियों की मीट में हिस्सा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि वन पर्यटन के जरिए लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार काम कर रही है।

जो वनों के अंदर ग्रामीण जन रहते हैं, उनकी आय के साधन बढ़ाने के लिए जनजाति के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि देश के सबसे अच्छे विभागों में से राज्य का वन विभाग है। वन विभाग के प्रयास से चीता जैसे प्रोजेक्ट से लेकर वन्य प्राणियों के संरक्षण की दिशा में वन विभाग ने अपनी अच्छी भूमिका निभाई है। सबसे बड़ा टाइगर स्टेट, चीता स्टेट, घड़ियाल- मगरमच्छ कई प्रकार के वन्य जीवों को संवारते हुए राज्य को दो नए टाइगर अभ्यारण दो साल में मिलने का सौभाग्य मिला है, जल्दी ही असम से जंगली भैंसा भी लाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि उम्मीद है समृद्ध मध्य प्रदेश में वन संपदा के संरक्षण का जो दौर चल रहा है वह आगे भी चलता रहेगा।

बीते सालों में नर्मदा नदी में मगरमच्छ छोड़े थे, आने वाले समय में चंबल में घड़ियाल छोड़े जाने हैं। कछुए की भी बहुत अच्छी प्रजाति संवर्धन का काम राज्य सरकार कर रही है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि राज्य में टाइगर के साथ हाथी भी स्थाई रूप से हमारे यहां बसेरा कर चुके हैं। हाथियों के संरक्षण के लिए वन अमले को विभिन्न तरह के प्रशिक्षण दिए जा रहे है। पिछले सालों की तुलना में 10 प्रतिशत से भी काम दुर्घटनाएं हुई है, 90 प्रतिशत घटनाओं में कमी आई है। इस दिशा में और अच्छे काम किए जाएं इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।

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