एकनाथ शिंदे गुट ने उद्धव खेमे के 14 विधायकों को जारी किया व्हिप उल्लंघन का नोटिस; शिंदे की दो-टूक, अवश्य होगी कार्रवाई
मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के 40 विधायक खुद को असली शिवसेना करार दे रहे हैं। शिंदे गुट के मुख्य सचेतक भरत गोगावले ने उद्धव ठाकरे गुट के 14 विधायकों को व्हिप उल्लंघन का नोटिस जारी कर दिया है। भरत गोगावले ने संवाददाताओं को बताया कि सोमवार को शिवसेना के 15 विधायकों ने सरकार के विश्वासमत के विरोध में मतदान किया था। व्हिप उल्लंघन के कारण इन 14 विधायकों को व्हिप उल्लंघन का नोटिस दिया गया है।
भरत गोगावले के अनुसार 15वें विधायक आदित्य ठाकरे को नोटिस नहीं दिया गया है, क्योंकि हम बालासाहब ठाकरे का सम्मान करते हैं। भरत गोगावले का बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब एकनाथ शिंदे ने साफ कर दिया है कि वह खुद शिवसेना विधायक दल के नेता हैं और व्हिप का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सनद रहे शिवसेना के उद्धव गुट की ओर से भी व्हिप के उल्लंघन को लेकर विधायकों की अयोग्यता का मसला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
मालूम हो कि कांग्रेस के कुल 11 विधायक भी शिंदे सरकार के विश्वासमत के विरुद्ध मतदान करने सोमवार को विधानसभा नहीं पहुंच सके। इन विधायकों में अशोक चह्वाण, प्रणिति शिंदे, जितेश अंतापुरकर, विजय वडेट्टीवार, जीशान सिद्दीकी, धीरज देशमुख, कुणाल पाटिल, राजू आवले, मोहन हमबर्डे एवं शीरीष चौधरी शामिल हैं।
इतनी बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायकों के मतदान प्रक्रिया से बाहर रहने के कारण कांग्रेस विधायक दल में भी फूट की अफवाह चोर पकड़ने लगी है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण ने बाद में स्पष्टीकरण दिया है कि वह थोड़ा देर से पहुंचे और सदन का गेट बंद हो जाने के कारण अंदर नहीं जा सके।
चीफ व्हिप को लेकर उद्धव गुट फिर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
महाराष्ट्र विधानसभा के नवनियुक्त स्पीकर द्वारा एकनाथ शिंदे गुट के चीफ व्हिप को मान्यता दिए जाने के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। उद्धव गुट के चीफ व्हिप सुनील प्रभु ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर नव नियुक्त स्पीकर के आदेश को चुनौती दी है। कोर्ट इस याचिका पर भी मुख्य मामले के साथ 11 जुलाई को विचार करेगा।
सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष सुनील प्रभु की नई याचिका का जिक्र करते हुए मामले पर शीघ्र सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी एक याचिका दाखिल की थी जिसमें कोर्ट से नए चीफ व्हिप की मान्यता पर रोक लगाने की मांग की गई थी लेकिन कोर्ट ने उस याचिका को 11 जुलाई को सुनवाई पर लगाने का आदेश दिया था।
स्पीकर ने रात में शिंदे गुट के नए चीफ व्हिप को मान्यता दी है जो कि गलत है। स्पीकर ऐसा नहीं कर सकते। सुनील प्रभु ने गत एक जुलाई को भी सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी जिसमें एकनाथ शिंदे समेत शिवसेना के 16 विद्रोही विधायकों को निलंबित करने की मांग की गई है, जिनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही लंबित है।
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर 11 जुलाई को सुनवाई करने की बात कही थी। महाराष्ट्र में कानूनी लड़ाई अभी भी याचिकाओं के जरिए कोर्ट के रिकार्ड में एक एक करके एकत्र होती जा रही है जबकि महाराष्ट्र की नवनियुक्त एकनाथ ¨शदे सरकार ने सोमवार को सदन में अपना बहुमत साबित कर दिया।





