मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

'दुर्गा पूजा को सिर्फ उत्सव बनाकर पेश किया गया', ममता सरकार पर बरसे शमीक भट्टाचार्य

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
'दुर्गा पूजा को सिर्फ उत्सव बनाकर पेश किया गया', ममता सरकार पर बरसे शमीक भट्टाचार्य

कोलकाता। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमीक भट्टाचार्य ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान दुर्गा पूजा की धार्मिक पवित्रता और आध्यात्मिक स्वरूप को कमजोर कर इसे केवल एक उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया।

उत्तर कोलकाता में आयोजित एक खूंटी पूजा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि हाल के वर्षों में इस अवसर को "दुर्गा पूजा" कहने के बजाय केवल "उत्सव" बताया जाने लगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा पूजा-पर्व है, इसलिए इसकी पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा की सबसे बड़ी पहचान मां दुर्गा की प्रतिमा और उससे जुड़ी धार्मिक भावना है। केवल आकर्षक थीम या भव्य पंडाल पर्याप्त नहीं हैं। यदि पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा ही न हो, तो चाहे सजावट कितनी भी भव्य क्यों न हो, लोग वहां नहीं आएंगे। उनके अनुसार दुर्गा पूजा सबसे पहले पूजा है और इसकी धार्मिक गरिमा सर्वोपरि रहनी चाहिए।

हालांकि भट्टाचार्य ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस टिप्पणी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें वह अक्सर कहती रही हैं कि धार्मिक आस्था व्यक्तिगत विषय है, जबकि त्योहार और उसकी खुशियां सभी के लिए होती हैं।

अपने संबोधन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य के सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के कुछ जिले बांग्लादेश जैसे दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह बांग्लादेश में दुर्गा प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़ की घटनाएं होती हैं, उसी तरह राज्य में भी धार्मिक परंपराओं पर प्रतिबंध लगाने जैसी स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को दीप जलाने की अनुमति दी जाती है, लेकिन शंख बजाने से रोका जाता है और अंतिम यात्रा में "हरि मंत्र" का उच्चारण करने पर भी आपत्ति जताई जाती है।

भट्टाचार्य ने विश्वास जताया कि इस वर्ष पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पूरे राज्य में शांतिपूर्ण माहौल में और सभी धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें