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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:56 · नई दिल्ली संस्करण

डॉक्टरों को करनी होगी 10 साल सरकारी नौकरी, छोड़ी तो लगेगा 1 करोड़ का जुर्माना

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

उत्तर प्रदेश : योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश की डॉक्टरों के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब से राज्य में डॉक्टरों को डिग्री के बाद 10 साल सरकारी नौकरी करनी होगी और यदि उन्होंने इसे बीच में ही छोड़ा तो एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगेगा. डॉक्टरों ने अगर बीच में नौकरी छोड़ी तो उन्हें एक करोड़ रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा. सरकार का कहना है कि इसके अलावा नीट में छूट की व्यवस्था भी की गई है ताकि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जा सके.

योगी आदित्यनाथ सरकार ने फैसला किया है कि राज्य में पीजी करने वाले डॉक्टरों को अब कम से कम 10 साल तक सरकारी नौकरी करनी पड़ेगी.

डॉक्टरों ने अगर बीच में नौकरी छोड़ी तो उन्हें एक करोड़ रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा. सरकार का कहना है कि इसके अलावा नीट में छूट की व्यवस्था भी की गई है ताकि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जा सके.

सरकार द्वारा जारी किए गए इस नए नियम में कहा गया है कि विभाग की ओर से इस संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी नहीं की जाएगी. गौरतलब है कि यदि ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में एक साल नौकरी करते हैं तो एमबीबीएस डॉक्टरों को नीट प्रवेश परीक्षा में 10 अंको की छूट दी जाती है. दो साल की सेवा देने वाले डॉक्टरों को 20 और तीन साल पर 30 अंकों की छूट दी जाती है. साथ ही कहा गया है कि अब डॉक्टर पीजी के साथ ही डिप्लोमा कोर्सेज में भी एडमिशन ले सकते हैं. हर साल सरकारी अस्पतालों के कई डॉक्टर्स एमबीबीएस पीजी में दाखिला लेने के लिए नीट की परीक्षा देते हैं.

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